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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 05, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कांग्रेस ने किया दावा, 2022 में सत्ता में आए तो स्थायी राजधानी बनेगी गैरसैंण

By Bhanu Prakash SharmaEdited By:
Published: Thu, 05 Mar 2020 12:15 PM (IST)

त्रिवेंद्र सरकार के गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने से कांग्रेस की बेचैनी बढ़ गई। कांग्रेस ने दावा किया कि 2022 में उसकी सरकार बनने पर गैरसैंण स्थायी राजधानी बनेगी।

कांग्रेस ने किया दावा, 2022 में सत्ता में आए तो स्थायी राजधानी बनेगी गैरसैंण
कांग्रेस ने किया दावा, 2022 में सत्ता में आए तो स्थायी राजधानी बनेगी गैरसैंण

देहरादून, राज्य ब्यूरो। बजट सत्र में त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने के एलान ने कांग्रेस की बेचैनी बढ़ा दी है। प्रमुख प्रतिपक्षी दल ने जवाब में कहा कि वर्ष 2022 में प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने पर गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाया जाएगा। 

गैरसैंण में बजट सत्र की कम अवधि को लेकर सरकार को निशाने पर ले रही कांग्रेस सदन में ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा सुनकर सकते में आ गई। विपक्ष को तमाम सक्रियता के बावजूद सरकार के इस कदम की भनक तक नहीं लग सकी। 

हालांकि पार्टी इस मामले में अब भी सरकार को सीधा निशाने पर ले रही है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि सरकार को गैरसैंण की चिंता नहीं है। राज्य आंदोलनकारियों के लिए सरकार ने कोई कदम बजट में नहीं उठाया। गैरसैंण के विकास को लेकर भी सरकार का रुख साफ नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने पर गैरसैंण-भराड़ीसैंण को स्थायी राजधानी बनाएगी। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि उत्तराखंड राज्य लंबे संघर्षों के बाद बना है। इसमें शहीदों ने अपने प्राणों की आहुति दी। मातृशक्ति की आंदोलन में निर्णायक भूमिका के बावजूद उनके लिए बजट में समुचित व्यवस्था नहीं की गई। 

उन्होंने कहा कि गैरसैंण को लेकर कांग्रेस का दृष्टिकोण साफ रहा है। कांग्रेस सरकार ने ही गैरसैंण में पहली कैबिनेट बैठक की। उसके बाद भराड़ीसैंण में विधानभवन का निर्माण कराया। इससे पहले गैरसैंण में ही दो बार टैंट में विधानसभा सत्र आहूत किया था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर गैरसैंण-भराड़ीसैंण को स्थायी राजधानी बनाया जाएगा।    

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सरकार का खबराया सा निर्णय: रावत

पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने सरकार के इस कदम को गड़बड़ाया व घबराया सा निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि देहरादून पहले से ही अस्थायी राजधानी है। आखिर राजधानी कहां होगी। यह निर्णय समय ने कांग्रेस के लिए छोड़ा हुआ है। कांग्रेस इसका निर्णय करेगी और गैरसैंण उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनेगी।

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