देहरादून, [जेएनएन]: प्रशिक्षण शिविर में खिलाड़ियों को व‌र्ल्ड कप के लिए तैयार किया जा रहा है और उनमें विश्व स्तर का कौशल विकसित करना ही शिविर का उद्देश्य है। यह दावा है जिला खेल विभाग का। अब हकीकत की बात करें तो विभाग के दावों में जरा भी दम नहीं है। यह हम नहीं विभाग की ओर से आयोजित प्रशिक्षण शिविर खुद बयां कर रहा है। धरातल पर स्थिति यह है कि विभाग खिलाड़ियों को पर्याप्त सुविधाएं तो छोड़िए एक फुटबाल तक मुहैया नहीं करा पा रहा है। जबकि दून के युवाओं में फुटबाल के क्रेज का परिणाम है कि यहां फुटबाल खिलाड़ियों की भरमार है और ये खिलाड़ी बेहतर करने की चाह में विभाग के प्रशिक्षण शिविर में बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। ऐसे में फुटबाल तक नसीब न हो पाने से यह शिविर बेमायने साबित हो रहा है। 

दरअसल, जिला खेल विभाग की ओर से स्थानीय फुटबाल खिलाड़ियों को खेल में पारंगत बनाने के लिए पवेलियन मैदान में प्रशिक्षण शिविर लगाया गया है। यहां बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी सीखने की ललक से मैदान में पहुंच रहे हैं, लेकिन विभाग महज दो से तीन फुटबाल के सहारे सौ से ज्यादा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने चला है। 

प्रतिदिन दो घंटे के शिविर में कई खिलाड़ियों को तो मौका भी नहीं मिल पा रहा है। 11 से 30 जून तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में शाम साढ़े चार से साढ़े छह बजे तक खिलाड़ियों को फुटबाल की बारीकियां सिखाई जाती हैं। शिविर में रोजाना करीब 100 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं और इन्हें प्रशिक्षण के लिए एक कोच मुहैया कराया गया है। 

हद तो तब होती है जब खिलाड़ियों को महज तीन फुटबॉल उपलब्ध कराई जाती हैं। कोच इन तीन फुटबाल से एक समय में तीन खिलाड़ियों को ही प्रशिक्षण दे पाता है। इस दौरान शेष खिलाड़ी एक-दूसरे के चेहरे ही देखते रह जाते हैं। 

तो ऐसे तैयार होंगे व‌र्ल्ड कप के खिलाड़ी 

खेलमंत्री अरविंद पांडेय सभाओं में कह रहे हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी के निर्देश पर हर प्रदेश में फुटबाल खिलाड़ियों की खोज के लिए अभियान चलाया जा रहा है। दावा है कि इसमें गरीब वर्ग की प्रतिभाओं को खोजकर फीफा व‌र्ल्ड कप के लिए तैयार किया जाएगा। विभाग भी इस प्रकार के प्रशिक्षिण शिविर आयोजित कर खिलाड़ियों को फीफा व‌र्ल्ड कप तक पहुंचाने की बात कर रहा है। 

आवश्यकता के मुताबिक फुटबाल उपलब्ध 

जिला खेल अधिकारी राजेश ममगाई के मुताबिक प्रशिक्षण शिविर में स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मुहैया कराया जा रहा है। फुटबाल आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध कराई जाती हैं। यदि खिलाड़ी अधिक संख्या में होंगे तो अतिरिक्त फुटबाल उपलब्ध कराई जाएंगी। 

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