चकराता, [जेएनएन]: आधुनिक दौर में नौजवान लोक संस्कृति से दूरी बना रहे हैं, वहीं, जौनसार-बावर के चापनू गांव में जन्मी किरन डिमरी ने सरकारी सेवा व घर गृहस्थी की व्यस्तता के बावजूद लोक संस्कृति के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। इन दिनों उनके गीतों का जादू सोशल साइट पर खूब चल रहा है।

जौनसार-बावर क्षेत्र की युवा गायिका किरन डिमरी का जन्म 1990 को परम सिंह मिस्त्री के परिवार में चौथी पुत्री के रूप में हुआ। बचपन से ही खेलकूद व लोक संस्कृति के प्रति रुचि रखने वाली किरन का चयन वर्ष 2010 में वन आरक्षी के पद पर चकराता वन प्रभाग में हुआ। उसी वर्ष उनका विवाह बावर क्षेत्र के महेंद्र डिमरी जो देहरादून में वाणिज्यकर के अधिवक्ता हैं, से हुआ। वन विभाग में धावक व वेटलिफ्टिंग में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली किरन ने लोक संस्कृति के क्षेत्र में खूब नाम कमाया। क्षेत्रीय, राज्य व राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद इन दिनों उनके गीत आपू बीती व बचपनों रा प्यार गाने यू-ट्यूब पर बेहद पसंद किए जा रहे हैं। स्टेज शो में भी उनको खूब पसंद किया जा रहा है।

पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते कुप्रभाव के चलते जनजातीय क्षेत्र जौनसार-बावर की परंपरागत विरासतन लोक संस्कृति खतरे में है। किरन का कहना है कि उनका उद्देश्यीय पुरातन संस्कृति को शिखर पर पहुंचाना है। किरन का कहना है कि परिवार की जिम्मेदारी के साथ ही वह अपनी संस्कृति के लिए भी पूरा योगदान देना चाहती है। लोगों ने उन्हें बहुत सहयोग किया है। 

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Posted By: Raksha Panthari

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