यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
देहरादून में सेवानिवृत्त आइएफएस से 50 हजार रुपये की ठगी, ऐसे लिया झांसे में
सेवानिवृत्त आइएफएस अधिकारी से करीब 50 हजार रुपये ठग लिए। मामले में वसंत विहार पुलिस ने तीन अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

देहरादून, जेएनएन। जालसाज ने रिश्तेदार बनकर सेवानिवृत्त आइएफएस अधिकारी से करीब 50 हजार रुपये ठग लिए। मामले में वसंत विहार पुलिस ने तीन अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब उन बैंक खातों का विवरण, जिसमें रकम ट्रांसफर कराई गई और इस्तेमाल किए मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल निकलवा रही है।
पुलिस के अनुसार, जेके महतो निवासी वसंत विहार का आरोप है कि बीती 27 जुलाई को उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। उसने एक रिश्तेदार का नाम लेते हुए कहा कि उसका बेटा काफी बीमार है और अस्पताल में भर्ती है। इलाज के लिए उनके रिश्तेदार को रुपयों की सख्त जरूरत है। हालांकि, जिस रिश्तेदार का फोन करने वाले व्यक्ति ने नाम लिया, वह उसे जानते थे।
ऐसे में उन्होंने विश्वास करके अलग-अलग दिनों में करीब 50 हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों में जमा करा दिए। यह रकम जमा कराने के बाद भी उसी व्यक्ति ने फिर से कॉल किया और कुछ और रुपयों की मांग की। इस बार शक होने पर सेवानिवृत्त आइएफएस जेके महतो ने जानकारी जुटाई तो फोन कॉल करने वाले व्यक्ति का नंबर बंद मिला। इधर यह भी पता चला कि जिस रिश्तेदार का नाम लेकर जालसाज ने उनसे रुपये मांगे, उनका बेटा स्वस्थ है।
एसओ वसंत विहार नत्थीलाल उनियाल ने बताया कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। मोबाइल नंबर बंद आ रहा है, लेकिन उसकी कॉल डिटेल मंगाई गई है। बैंकों से भी खातों के बारे में जानकारी मांगी गई है। जान-पहचान वालों पर नजर पुलिस ने आशंका जताई है कि सेवानिवृत्त आइएफएस अधिकारी को ठगने वाला शख्स उनकी जान-पहचान का हो सकता है। क्योंकि जालसाज को उनके रिश्तेदार के बारे में पूरी जानकारी थी। ऐसे में हाल के महीनों में संपर्क में आने वालों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
