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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Famous Temples In Pauri: न्‍याय के देवता के रूप में पूजनीय कंडोलिया देवता, पहले ही दे देते हैं किसी भी नुकसान या संकट की चेतावनी

By Nirmala BohraEdited By:
Published: Fri, 24 Jun 2022 01:40 PM (IST)

Famous Temples In Pauri मान्यता है कि वर्षों पूर्व कुमाऊं की एक युवती का विवाह पौड़ी में डुंगरियाल नेगी जाति ...और पढ़ें

Famous Temples In Pauri: पौड़ी में स्थित कंडोलिया मंदिर
Famous Temples In Pauri: पौड़ी में स्थित कंडोलिया मंदिर

जागरण संवाददाता, पौड़ी : Famous Temples In Pauri : उत्तराखंड राज्य का पौड़ी शहर जनपद पौड़ी का जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि गढ़वाल मंडल का मुख्यालय भी है। इस शहर के शीर्ष में स्थित है कंडोलिया मंदिर। मान्यता है कि वर्षों पूर्व कुमाऊं की एक युवती का विवाह पौड़ी गांव में डुंगरियाल नेगी जाति से हुआ था। विवाह के बाद वह युवती अपने ईष्ट देवता को कंडी (छोटी टोकरी) में रखकर लाई थी। इसके बाद देवता को कंडोलिया देवता के नाम जाना जाने लगा और उनकी पूजा पौड़ी गांव में भी शुरू कर दी गई।

यह है मान्‍यता

मान्यता है कि बाद में देवता गांव के ही एक व्यक्ति के स्वप्न में आए और आदेशित किया कि मेरा स्थान किसी उच्च स्थान पर बनाया जाए। इसके बाद कंडोलिया देवता को पौड़ी शहर के ऊपर स्थित एक पहाड़ी पर स्थापित किया गया। स्थापना के बाद से ही कंडोलिया मंदिर न्याय देवता के रूप में प्रसिद्ध हो गए। कंडोलिया देवता मूल रुप से भगवान शिव के ही स्वरूप हैं। स्थानीय लोग साल भर समय-समय पर मंदिर में पूजा अर्चना को पहुंचते हैं। मान्यता यह भी है कि कंडोलिया देवता किसी भी पूर्व नुकसान या संकट की सूचना या चेतावनी दे देते हैं।

मंदिर के हर तरफ हरे भरे पेड़ यहां के मौसम को हमेशा खुशनुमा बनाए रहते हैं। यूं तो बाबा कंडोलिया के मंदिर में श्रद्धालुगण वर्ष भर पूजा अर्चना को आते रहते हैं, लेकिन हर वर्ष जून माह में आयोजित होने वाला तीन दिवसीय पूजा अर्चना और समापन पर लगने वाले विशाल भंडारे का अपना अलग ही महत्व हैं। इसमें स्थानीय ही नहीं दूसरे क्षेत्रों से भी हजारों की तादाद में श्रद्धालु पूजा अर्चना और भंडारे में शामिल होते हैं। यह प्रत्येक साल का मंदिर में होने वाले सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन होता है।

पौड़ी बस स्टेशन से महज दो किसी की दूरी पर स्थित है मंदिर

कंडोलिया मंदिर पौड़ी बस स्टेशन से महज दो किसी की दूरी पर शहर के शीर्ष में स्थित हैं। यहां से दूर हिमालय की बर्फीली चोटियां काफी आकर्षण रहती हैं। इसके अलावा यहां सड़क मार्ग पर ही एक पार्क भी है। मंदिर तक पहुंचने के लिए समीपवर्ती रेलवे स्टेशन कोटद्वार व ऋषिकेश हैं। यहां से छोटे या बड़े दोनों ही प्रकार के वाहनों से कंडोलिया पहुंचा जा सकता है। सड़क मार्ग से करीब दो सौ मीटर की पैदल दूरी तय कर आसानी से कंडोलिया मंदिर पहुंचा जा सकता है।

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