देहरादून, राज्य ब्यूरो। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं को अगली कक्षाओं में प्रमोट किए जाने या परीक्षा कराने या अन्य विकल्प अपनाने का निर्णय केंद्र सरकार की गाइडलाइन के आधार पर 31 जुलाई के बाद लिया जाएगा। 

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धन सिंह रावत ने फेसबुक लाइव के माध्यम से प्रदेश के छात्रसंघ पदाधिकारियों के साथ वार्ता की। वर्चुअल संवाद के दौरान डॉ रावत ने बताया कि प्रदेश के सभी राजकीय विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों को ई-ग्रंथालय सुविधा से जोड़ा जा चुका है। ई-ग्रंथालय सुविधा से छात्र-छात्राओं को किताबों की कमी महसूस नहीं होगी। उन्हें एक क्लिक पर कोई भी किताब आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।
छात्र संघ पदाधिकारियों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा को बुनियादी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को कॉलेज में सभी सुविधाएं मिलेंगी। सभी सरकारी डिग्री कॉलेजों के लिए 14 सूत्रीय एजेंडा तय किया गया है। प्रत्येक कॉलेज में ई-ग्रंथालय, कम से कम दो स्मार्ट क्लास, चार ई-बोर्ड, छात्र संख्या के अनुसार कंप्यूटर की उपलब्धता, प्रयोगशाला और आवश्यक उपकरण, शुद्ध पेयजल, छात्र संख्या के अनुसार फर्नीचर, छह शौचालय, खेल मैदान, रैंप की व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था, बाउंड्री वॉल सहित कॉलेज का सौंदर्यीकरण शामिल है।
महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी पर डॉ रावत ने कहा कि 877 असिस्टेंट प्रोफेसरों के रिक्त पदों में से लगभग 23 विषयों के 446 असिस्टेंट प्रोफेसरों को चयन हो चुका है, जबकि 296 पदों पर चयन प्रक्रिया राज्य लोक सेवा आयोग में गतिमान है। सभी कॉलेजों में प्राचार्यो की तैनाती कर दी गई है। 
शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए अधीनस्थ चयन सेवा आयोग को अधियाचन भेज दिया गया है। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने प्रमुख रूप परीक्षाओं का आयोजन, ऑनलाइन क्लास, शिक्षकों की नियुक्ति, नेटवर्किंग की सुविधा बढ़ाने और कॉलेजों के नए भवनों के निर्माण के साथ ही मूलभूत सुविधाओं से संबंधित प्रश्न पूछे।

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