देहरादून, राज्य ब्यूरो। तो पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत यानी हरदा उत्तराखंड के परंपरागत व्यंजनों के बहाने उत्तराखंडीयत की अपनी मुहिम से प्रदेश की भाजपा सरकार के मुखिया त्रिवेंद्र सिंह रावत को जोड़ने में सफल हो गए। बकौल हरदा ऐसा हो गया है। 

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के उपवास पर बैठने जा रहे हरदा को मंडुवे की बाड़ी और पल्यो खिलाने के न्योते के बाद उन्होंने कुछ ऐसा ही दावा किया। कांग्रेस और भाजपा के दोनों दिग्गजों के बीच इन दिनों तंज भरी सियासी तकरार रोचक हो चली है। 

चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद आगामी माह जून में दोनों दिग्गजों के आमने-सामने होने से उत्तराखंड में बढ़ रही सियासी तपिश अभी से महसूस की जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के आवास पर उपवास व धरना देने की घोषणा कर चुके हैं। 

उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव आचार संहिता के चलते सुस्त पड़ी सियासी गतिविधियों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एकदूसरे पर तंज कसने का कोई मौका चूक नहीं रहे हैं। नैनीताल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी हरीश रावत को अब तक के सियासी जीवन में मिली चुनावी हार का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उन्हें फिर चुनाव में शिकस्त मिलने का दावा किया तो फिर सूबे में कांग्रेस की सियासत के इस धुरंधर ने भी मुख्यमंत्री की सोशल मीडिया से लेकर सड़क पर घेराबंदी तेज कर दी है। 

उनकी इस मुहिम को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी चुटकियों के साथ पलटवार कर रहे हैं। बीते रोज हरदा के मुख्यमंत्री आवास पर धरना देने का एलान करने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तंज कसते हुए कहा कि यदि मौका मिला तो वह उन्हें मंडुवे के आटे से बनने वाली बाड़ी और झंगोरे में दही गुड़-चीनी मिलाकर बनने वाले पल्यो को खिलाएंगे। 

मुख्यमंत्री की इस प्रतिक्रिया को हरीश रावत ने फिर लपक लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान को पढ़कर मजा आ गया। साथ ही कहा कि यदि आपके दोस्त बुरा न माने तो रावत पूरे पांच साल। उन्होंने मंडुवे की बाड़ी और गुड़-झोली के ऑफर को टेम्पटिंग बताते हुए कहा कि वह जल्द ही उपवास पर बैठेंगे और अपने साथ कंडाली की ढांक (शाखा) भी लाएंगे। साथ ही कहा कि मट्ठा अपने दोस्तों के लिए बचाकर रखना। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भी अब उनकी तरह उत्तराखंडीयत की बात करने लगे हैं। यह अच्छी बात है। यही उत्तराखंड की समस्या के समाधान की राह है। उनकी सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाए थे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस दिशा में कदम बढ़ाते हैं, गन्ना किसानों का बकाया भुगतान करते हैं तो वह भी सहयोग देने को तैयार हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के बाद अगले माह जून में मुख्यमंत्री आवास पर उपवास पर बैठने के संकेत दिए।

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