यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 23, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रुड़की में सतर्कता टीम पर हमले का मामला, चेकिंग से इंजीनियरों ने खड़े किए हाथ
यूपीसीएल की सतर्कता टीम पर हमले की घटना के विरोध में उत्तरांचल पावर इंजीनियर एसोसिएशन लामबंद हो गई है।

देहरादून, जेएनएन। रुड़की में यूपीसीएल की सतर्कता टीम पर हमले की घटना के विरोध में उत्तरांचल पावर इंजीनियर एसोसिएशन लामबंद हो गई है। एसोसिएशन ने कहा कि बिजली चोरी की चेकिंग में अभियंता बिना किसी सुरक्षा के जान को खतरे में डाल रहे हैं। लगातार अभियंताओं पर हमले हो रहे हैं, लेकिन प्रबंधन उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाएगी वे चेकिंग पर नहीं जाएंगे। कहा कि रुड़की की घटना के आरोपितों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तुरंत गिरफ्तारी की जाए।
शनिवार को उत्तरांचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के बैनर तले सहायक व अधिशासी अभियंताओं ने यूपीसीएल मुख्यालय में धरना दिया। एसोसिएशन के महासचिव मुकेश कुमार ने कहा कि हरिद्वार व ऊधमसिंहनगर में पिछले कई समय से अभियंताओ पर हमले हो रहे हैं। इन जिलों में बिजली चोरी की सर्वाधिक समस्या रहती है। इसलिए यहां बिजली चोरी की चेकिंग में पर्याप्त सुरक्षा की जरूरत है, लेकिन अभियंताओं को कोई सुरक्षा नहीं दी जा रही है।
प्रबंधन को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रुड़की के मोहम्मदपुर में बिजली चोरी की चेकिंग करने गई सतर्कता टीम में शामिल सहायक अभियंता के साथ मारपीट की गई। धरने में प्रचार सचिव प्रदीप गुरुरानी, जतिन सैनी, अर्चित भट्ट, सुधीर कुमार शामिल रहे।
