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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 18, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्‍तराखंड में सामने आ रहा लॉकडाउन का सबसे नेगेटिव इफेक्‍ट, डर है कहीं बत्‍ती गुल न कर दे

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Published: Sat, 18 Apr 2020 03:00 AM (IST)Updated: Sat, 18 Apr 2020 03:53 PM (IST)

उत्तराखंड में लॉकडाउन के चलते लोग इस समय अपने घरों में ही रह रहे हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिक उपकरणों का अधिक उपयोग हो रहा है।

उत्‍तराखंड में सामने आ रहा लॉकडाउन का सबसे नेगेटिव इफेक्‍ट, डर है कहीं बत्‍ती गुल न कर दे
उत्‍तराखंड में सामने आ रहा लॉकडाउन का सबसे नेगेटिव इफेक्‍ट, डर है कहीं बत्‍ती गुल न कर दे

देहरादून, जेएनएन। लॉकडाउन के चलते लोग इस समय अपने घरों में ही रह रहे हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिक उपकरणों का अधिक उपयोग हो रहा है। तापमान बढ़ने के साथ कूलर, एसी भी चलने शुरू हो गए हैं। इसका असर बिजली सप्लाई पर भी पड़ा है। ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ने से फॉल्ट की समस्या भी अधिक हो रही है।

इसका अंदाजा इस से लगाया जा सकता है कि पिछले चार दिनों राज्य में करीब साढ़े पाच सौ शिकायतें कंट्रोल रूम में दर्ज की जा चुकी हैं। निगम का कहना है गर्मी को देखते हुए फील्ड स्टाफ की ड्यूटी अब तीन शिफ्ट में लगाई जा रही है। सामान्य दिनों की बात करें तो पूरे राज्य से औसतन सौ शिकायतें ही आती थीं, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ने लगी है। यही नहीं औसतन आधे घटे में फाल्ट ठीक करने का दावा करने वाले निगम की चुनौती भी बढ़ने लगी है। अब फॉल्ट को ठीक करने में 45 मिनट से एक घंटे तक का वक्त लगने लगा है। 

श्यामपुर में एक घंटे रहा अंधेरा 
मोहनपुर सबस्टेशन के प्रेमनगर क्षेत्र के श्यामपुर में गुरुवार रात सवा बारह बजे से लेकर सवा एक बजे तक अंधेरा छाया रहा, जिससे लोगों भारी परेशानी उठानी पड़ी। मोहनपुर सब स्टेशन को सूचना देने के करीब एक घंटे बाद फॉल्ट ठीक किया जा सका। मोहनपुर उप केंद्र के अधिशासी अभियंता सुधीर कुमार ने बताया कि श्यामपुर में एलटी लाइन के तार आपस में टकरा गए थे। इस वजह से फॉल्ट हुआ था। टीम भेजकर रात में ही उसे ठीक करा दिया गया। 
प्रदेश में ऊर्जा की खपत हुई आधी लॉकडाउन के बाद से प्रदेश में ऊर्जा की खपत आधी रह गई है। सामान्य दिनों में जहा हर रोज 32 से 34 मेगावाट बिजली खर्च होती थी वहीं, अब 17 से 19 मेगावाट बिजली खर्च हो रही है। इस पर निगम का तर्क है कि शहर में लोड में मामूली अंतर आया है। बिजली खपत में कमी आई है। वह उद्योग-धंधों और शॉपिंग मॉल आदि के बंद होने से आई है। ऐसे में शहर में फॉल्ट होना स्वाभाविक है।
चार दिन में आई शिकायतें 
13 अप्रैल, 129 
14 अप्रैल, 145  
15 अप्रैल, 161 
16 अप्रैल, 130
यूपीसीएल के चीफ इंजीनियर एके सिंह का कहना है कि समर सीजन में लोकल फॉल्ट बढ़ने को ध्यान में रखते हुए तैयारी की गई है। हर उपकेंद्र पर फील्ड स्टाफ की तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जा रही है, जिससे फॉल्ट को जल्द से जल्द ठीक कर दिया जाए।