यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 10, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आंदोलन के कारण बस रुकी तो बर्खास्त होंगे चालक और परिचालक
रोडवेज में आए दिन धरना-प्रदर्शन करने वालों पर शिकंजे की शुरूआत कर दी गई है। इस संबंध में मंडल प्रबंधक ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। रोडवेज में आए दिन धरना-प्रदर्शन करने वालों पर शिकंजे की शुरूआत कर दी गई है। मंडल प्रबंधक संजय गुप्ता ने आदेश दिए हैं कि धरना-प्रदर्शन के लिए किसी भी कर्मचारी का अवकाश स्वीकृत न किया जाए। यदि ड्यूटी लगने के बावजूद चालक-परिचालक बस संचालन नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। विशेष श्रेणी और संविदा चालक-परिचालक को बर्खास्त करने और नियमित चालक व परिचालक को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।
दून मंडल के समस्त डिपो देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, कोटद्वार, रुड़की और जेएनएनयूआरएम के एजीएम के लिए जारी आदेश में मंडल प्रबंधक गुप्ता ने कहा कि आए दिन होने वाले धरना-प्रदर्शन की वजह से बसों का संचालन प्रभावित होता है। इससे न केवल रोडवेज को हानि होती है, बल्कि बसों का संचालन रुकने से छवि भी धूमिल होती है। मंडल प्रबंधक ने किसी भी तरह के धरने-प्रदर्शन के कारण बस का संचालन प्रभावित नहीं होने के आदेश दिए हैं। आदेश दिए हैं कि धरने-प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों की सूची हर चार घंटे के भीतर मंडल कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। इस कारण अगर बस संचालन रुका है तो बसों की सूची भी उपलब्ध कराएं व चेतावनी दी गई कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो एजीएम के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। प्रस्तावित आंदोलन के पहले दिन ही बसों की ड्यूटी निर्धारित करने को कहा गया है। साथ ही आदेश दिए गए हैं कि धरना-प्रदर्शन के दिन कोई भी एजीएम बस डिपो से गायब नहीं रहेगा। अपनी मौजूदगी में पहली बस सेवा से आखिरी बस सेवा का संचालन एजीएम सुनिश्चित कराएंगे व मंडल कार्यालय और निगम मुख्यालय को सूचित करेंगे। मंडल प्रबंधक ने कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन पर रोक लगाने के आदेश भी दिए हैं।
