जागरण संवाददाता, देहरादून। स्वास्थ्यकर्मी या किसी फ्रंटलाइन वर्कर को यदि हल्के भी लक्षण हैं तो वह पहले अपनी आरटीपीसीआर जांच कराएं। उसके बाद ही प्रिकाशन डोज लगवाएं। इससे वह खुद और टीका लगा रहे कर्मचारी भी सुरक्षित रहेंगे। दून मेडिकल कालेज चिकित्सालय में कोरोना के नोडल अधिकारी डा. अनुराग अग्रवाल ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित है, वह एक माह बाद ही प्रिकाशन डोज लगवाए, क्योंकि कोरोना के बाद एंटीबाडी बन जाती हैं।

डा. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को अस्पताल में 813 लोग की ओपीडी हुई, जिसमें 231 मरीज फ्लू ओपीडी में आए थे। उन्होंने अपील की है कि बुखार, सिरदर्द, गला खराब होना, जुकाम आदि होने पर फ्लू ओपीडी में दिखाएं। कोरोना की जांच अवश्य कराएं व चिकित्सक की सलाह से दवाएं लें। हल्के लक्षण होने पर होम आइसोलेशन में रहें। मास्क व शारीरिक दूरी का पालन करें। अपना नंबर आने पर वैक्सीन जरूर लें।

बताया कि दून अस्पताल में कोरोना के 36 मरीज भर्ती हैं। जिसमें छह नए भर्ती हुए हैं। चार मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। 20 साल से कम उम्र के सात, 21 से 40 के 15 और 41 से 60 के छह और 60 साल से ऊपर के आठ मरीज भर्ती है। प्राचार्य डा. आशुतोष सयाना, एमएस डा. केसी पंत और डिप्टी एमएस डा. एनएस खत्री की अगुवाई में सभी चिकित्सक एवं कर्मचारी कोविड से जंग में जुटे हैं।

प्रेमनगर अस्पताल में शिविर लगाया

दून मेडिकल कालेज चिकित्सालय के सर्जरी विभाग से डा. नेहा महाजन ने प्रेमनगर अस्पताल में स्तन कैंसर जांच शिविर लगाया। जिसमें अस्पताल में आई महिला मरीजों की स्क्रीनिंग की गई। आवश्यकतानुसार उनकी मैमोग्राफी भी की गई। मैमोग्राफी वैन दून मेडिकल कालेज से भेजी गई थी।

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Edited By: Raksha Panthri