देहरादून, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के हस्तक्षेप के बाद भी भाजपा विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और देशराज कर्णवाल के साथ ही उनके समर्थकों के मध्य छिड़ी रार थमने का नाम नहीं ले रही है। इसने एक बार फिर भाजपा को असहज स्थिति में ला दिया है। 

हालांकि, प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि ऐसी कोई बात उनके संज्ञान में नहीं आई है। हो सकता है कि किसी कार्यकर्ता ने कुछ कहा हो तो इसे दिखवा लिया जाएगा। चिंता वाली कोई बात नहीं है। परिवार का मामला है। 

खानपुर से भाजपा विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल के मध्य लंबे समय से छिड़ी जुबानी जंग से पार्टी की खूब छीछालेदर हुई। साथ ही विपक्ष ने भी इसे मुद्दा बनाया। इसे देखते हुए शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने इसमें हस्तक्षेप किया। 

दोनों विधायकों ने मुख्यमंत्री के दरबार में कहा था कि संवादहीनता की वजह से उनके मध्य कुछ गलतफहमी पैदा हो गई थी। लिहाजा, अब दोनों के मध्य कोई रार नहीं है और वे पार्टी के लिए पुरजोर ढंग से कार्य करेंगे। दोनों विधायकों ने तब एक-दूसरे को बड़ा व छोटा भाई करार दिया। 

इससे लगा कि रार थम गई है, मगर कुछ घंटों बाद ही यह दोबारा शुरू हो गई। दोनों विधायकों और उनके समर्थकों के बीच फिर से जुबानी तीर चलने लगे हैं। इसमें भाषा की मर्यादा का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है। इस स्थिति ने भाजपा को एक बार फिर से असहज स्थिति में ला दिया है। 

इस बारे में पूछे जाने पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि दो दिन पहले मुख्यमंत्री के सामने मामला सुलझ गया था। दोबारा से दोनों विधायकों व उनके समर्थकों के बीच फिर से विवाद की कोई आधिकारिक जानकारी उन्हें नहीं है। यदि किसी कार्यकर्ता ने कुछ कहा होगा तो इसे दिखवा लिया जाएगा। चिंता वाली कोई बात नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद दोनों विधायकों से बात करेंगे।

जब विस संयोजक के तेवर देख विधायक ने जोड़े हाथ

रुड़की में झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल की ओर से कैंप कार्यालय पर आयोजित किए गए कार्यक्रम के दौरान उस समय स्थिति असहज हो गई, जब पार्टी के विधानसभा संयोजक ने खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को खुले मंच से चेतावनी देते हुए कहा कि वह जाति पर टिप्पणी न करें। इसके बाद झबरेड़ा विधायक हाथ जोड़ते नजर आए और किसी तरह से मामले को शांत कराया गया।

झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल की ओर से सिविल लाइंस स्थित कैंप कार्यालय पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हाल ही में पार्टी में शामिल हुए दो पूर्व विधायक चौधरी यशवीर सिंह, सुरेश चंद जैन, पार्टी से पूर्व में निष्कासित डॉ. जोध सिंह, पूर्व चेयरमैन डॉ. गौरव चौधरी, डीसीबी के चेयरमैन प्रदीप चौधरी आदि का स्वागत होना था। 

इस दौरान भगवानपुर विधानसभा संयोजक चंदन त्यागी ने कहा कि पिछले दिनों खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंेह चैंपियन ने त्यागी समाज को लेकर जो टिप्पणी की है, उससे समाज में आक्रोश है। यदि उन्होंने अपनी टिप्पणी को वापस नहीं लिया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। यहां तक कि सरकार पर भी इसका असर पड़ेगा। 

उनका इतना कहना था कि विधायक देशराज कर्णवाल उनको चुप करने के लिए माइक पर पहुंच गए। इसके बाद प्रदीप त्यागी ने कहा कि खानपुर विधायक का कहना है कि डेढ़ चना कुछ नहीं कर सकता हैं, लेकिन डेढ़ चना आंख फोड़ सकता है। इसके बाद किसी तरह से मामला शांत हुआ। वहीं विधायक देशराज कर्णवाल ने कहा कि कुंवर प्रणव सिं ह चैंपियन उनके बड़े भाई है। उन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया है। 

संगठन को मजबूत करने पर दिया बल 

झबरेड़ा विधायक के कैंप कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने संगठन को मजबूत करने पर बल दिया। पूर्व विधायक चौधरी यशवीर सिंह ने कहा कि उन्हें सत्ता में पद की चाह नहीं है। वह संगठन के लिए काम करना चाहते हैं। अब भागदौड़ की उम्र नहीं है। बेटा भागदौड़ करेगा। 

पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन ने कहा कि भले ही उन्होंने कांग्रेस से चुनाव लड़ा हो, लेकिन तब भी उन्होंने आसपास की विधानसभा में भाजपा के लिए काम किया। वह भाजपा के थे, हैं और रहेंगे। 

इस मौके पर डॉ. जोध सिंह, डॉ. गौरव चौधरी, डीसीबी चेयरमैन प्रदीप चौधरी, श्यामवीर सैनी, सुनील सहानी, विपिन गर्ग, हितेश शर्मा राजपाल ङ्क्षसह शर्मा, हेमलता चौधरी , प्रीति गुप्ता आदि मौजूद रहे।

विधायक की तरफ से दर्ज मुकदमे की फिर से जांच

विधायक देशराज कर्णवाल की तरफ से चार लोगों के खिलाफ दर्ज कराए गए धोखाधड़ी के मामले की फिर से जांच शुरू हो गई है। इस मामले की जांच इंस्पेक्टर गंगनहर को सौंपी गई है। देशराज कर्णवाल ने 12 साल पहले जिला पंचायत सदस्य रहते यह मुकदमा दर्ज कराया था।

वर्ष 2007 में विधायक देशराज कर्णवाल जिला पंचायत सदस्य थे। आरोप है कि उस समय चार लोगों ने उनके नाम से फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराया था। तब देशराज कर्णवाल को हुई तो उन्होंने इस मामले में सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। 

तहरीर में आरोप लगाया था कि हरि सिंह, सुरेंद्र दाबसे, शीशपाल समेत चार लोगों ने उनके नाम से फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर उन्हें फंसाने की साजिश की। देशराज कर्णवाल ने जिला पंचायत सदस्य रहते इन सभी चार आरोपितों पर इस मामले में सिविल लाइंस कोतवाली में 19 अप्रैल 2007 को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन इसमें अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। 

अभी भी इस मामले की जांच चल रही है। एसएसपी जनमेजय खंडूड़ी ने इस मामले की फिर से जांच के निर्देश दिए हैं। एसएसपी ने इस मामले की जांच गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेश साह को सौंपी है। इंस्पेक्टर ने इस मामले से जुड़े सभी दस्तावेज हासिल किए हैं। इंस्पेक्टर ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

डीएम करेंगे झबरेड़ा विधायक के जाति प्रमाण पत्र की जांच

झबरेड़ा से भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल के जाति प्रमाण पत्र की जांच डीएम हरिद्वार करेंगे। राज्यपाल के आदेश पर राज्य के सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।

जिले के नगला ऐमाद, मंगलौर  निवासी पंकज कुमार पुत्र श्याम सिंह ने 23 मार्च को राज्यपाल बेबीरानी मौर्य को एक शिकायती पत्र दिया था। जिसमें झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल के अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र को अवैध बताया गया था। 

शिकायतकर्ता ने उनके प्रमाण पत्र को निरस्त कर विधायिका भी समाप्त करने की मांग की थी। मामले को लेकर खानपुर से भाजपा विधायक कुंवर प्रणव ङ्क्षसह चैपियन ने भी विधायक देशराज के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी थी। जिससे पिछले दिनों में दोनों विधायकों में खूब जुबानी जंग हुई थी। कांग्रेस भी इस मामले की जांच को लेकर राजभवन में दस्तक दे चुकी है। 

वहीं, इस बीच ग्रामीण पंकज की शिकायत पर राज्यपाल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को मामले की जांच करने के आदेश दिए। राज्यपाल के आदेशों के अनुपालन में राज्य के सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तूदास की ओर से जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक रावत को पत्र भेजकर प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है। 

शिकायतकर्ता को भी इस पत्र कीप्रति मिल गई है। वहीं, डीएम दीपक रावत का कहना है कि उन्हें अभी पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलते ही नियमानुसार जांच और कार्रवाई की जाएगी।

आरोप फर्जी और निराधार: कर्णवाल

झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल का कहना है कि आरोप सौ फीसद फर्जी और निराधार हैं। वर्ष 2005 से इस तरह के अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं। जो लोग झूठे आरोप लगा रहे हैं, वह पहले भी जेल गए हैं और आगे भी जेल जाएंगे। झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विधायक ने किसी का नाम न लेते हुए अपने विरोधियों की तरफ साजिश का इशारा भी किया।

चैंपियन के समर्थकों की गिरफ्तारी को दबिश

खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के समर्थकों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने शनिवार रात कई जगह दबिश दी, लेकिन आरोपित हाथ नहीं लगे। आरोपितों के खिलाफ झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल की पत्नी ने मुकदमा दर्ज कराया था। इन सभी आरोपितों के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी हुए थे।

खानपुर विधायक चैंपियन के समर्थक राव फुरकान, पहल ङ्क्षसह और पप्पू ने मार्च मेें प्रेस वार्ता की थी। आरोप है कि प्रेस वार्ता में झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल और उनकी पत्नी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इस मामले में 27 मार्च को विधायक देशराज कर्णवाल की पत्नी वैजयंती माला ने सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। 

तहरीर में आरोप लगाया था कि उनके समाज के बारे में भी गलत बात कही गई है। जिससे दो समुदाय के बीच तनाव बढ़ सकता है। साथ ही पुलिस को प्रेस वार्ता का वीडियो भी दिया गया था। सिविललाइंस कोतवाली पुलिस ने इस मामले में चैंपियन के समर्थक पप्पू, पहल सिंह और राव फुरकान पर मुकदमा दर्ज किया था। 

इस मामले की जांच एसआइ मंशा ध्यानी कर रही थी। आरोप है कि तीनों ही आरोपित विवेचना में पुलिस का सहयोग नहीं कर रहे थे। कोतवाली में बयान दर्ज कराने नहीं आ रहे थे। जिस पर पुलिस ने कोर्ट को इससे अवगत कराया था। 

इस पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने इन तीनों आरोपितों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। कोर्ट से वारंट जारी होते ही सिविललाइंस कोतवाली पुलिस की टीम ने तीनों आरोपितों के घर पर शनिवार की देर रात दबिश दी, लेकिन सभी आरोपित अपने घरों से फरार मिले। 

इसके अलावा इनके अन्य ठिकानों पर भी पुलिस ने दबिश दी, लेकिन आरोपित हाथ नहीं आए। इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह ने बताया कि सभी आरोपितों को जल्द ही गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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Posted By: Bhanu