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    प्राथमिक शिक्षक संघ में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं, तीन शिक्षकों को किया निष्कासित

    By Sunil NegiEdited By:
    Updated: Tue, 06 Apr 2021 09:05 AM (IST)

    उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की कार्यसमिति की बैठक में अनुशासनहीनता पर तीन शिक्षकों को निष्कासित कर दिया गया। संघ के प्रांतीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह की ओर से बैठक में प्रस्ताव लाए जाने पर पदाधिकारियों ने तीनों शिक्षकों के निष्कासन को सहमति दी।

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    उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक को संबोधित करते संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौहान।

    जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की कार्यसमिति की बैठक में अनुशासनहीनता पर तीन शिक्षकों को निष्कासित कर दिया गया। संघ के प्रांतीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह की ओर से बैठक में प्रस्ताव लाए जाने पर पदाधिकारियों ने तीनों शिक्षकों के निष्कासन को सहमति दी। वहीं दो अन्य सदस्यों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। प्रांतीय अध्यक्ष ने कहा कि संघ में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं। ऐसा करने वाले शिक्षकों पर नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई करने में संघ चूकेगा नहीं।

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    सोमवार को रेसकोर्स स्थित शिक्षक भवन में प्रांतीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौहान ने कहा कि सितारगंज के शिक्षक सुरेश चंद्र उप्रेती, जसपुर के रजनीश चौहान और अंबुज विश्नोई ने संघ के चुनाव और पंजीकरण पर सवाल उठाने से लेकर कई ऐसे कृत्य किए जिनके चलते संघ की छवि धूमिल हुई। संघ की कार्यसमिति की सहमति के बाद तीनों को निष्कासित किया गया। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा और चमोली जिले की कार्यकारिणी ने भी एक-एक शिक्षक के खिलाफ अनुशासनहीनता की शिकायत दी है।

    दोनों शिक्षकों को नोटिस भेज जवाब तलब किया गया है। दोषी पाए जाने पर दोनों पर कार्रवाई होगी। कार्यसमिति की बैठक में प्रदेशभर के जिला इकाई के अध्यक्ष, मंत्री और कोषाध्यक्ष जुटे थे। सभी ने अपने जिलों की समस्याएं प्रांतीय कार्यकारिणी के समक्ष रखी। शिक्षकों ने सरकार द्वारा शिक्षक एवं कर्मचारियों के हड़ताल करने पर नो वर्क नो पे लागू किए जाने पर भी कड़ा विरोध जताया। बैठक में प्रांतीय महामंत्री नंदन सिंह रावत, कोषाध्यक्ष जनक सिंह राणा, अशोक चौहान, विनोद उनियाल, वीना भंडारी, कुसुमलता, रुकमणी चौहान, प्रदीप पांडे, राम शर्मा, गोविंद, रेखा रानी, जितेंद्र, धर्मेंद्र सिंह रावत, दिगंबर नेगी आदि मौजूद रहे।

    निर्वाचन में देरी पर जताई नाराजगी

    प्रांतीय कार्यकारिणी ने जिला और ब्लॉक स्तर पर निर्वाचन में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। कई जिलों में कार्यकारिणी का कार्यकाल बिना वजह बढ़ाए जाने पर सवाल भी उठे। हालांकि, बाद में जिलों ने चुनाव प्रक्रिया शुरू होने में देरी पर अपनी सफाई भी पेश की।

    प्रमोद रावत का इस्तीफा मंजूर

    देहरादून जिले के मंत्री प्रमोद सिंह रावत ने कुछ दिन पहले अपने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए प्रांतीय कार्यकारिणी के समक्ष अपना इस्तीफा पेश किया था। प्रांतीय कार्यकारिणी ने सोमवार को बैठक के दौरान प्रमोद रावत का प्रस्ताव कार्यसमिति के समक्ष पेश किया। कार्यसमिति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर उन्हें पदभार मुक्त कर दिया। प्रांतीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने दून कार्यकारिणी को मंत्री पद पर आगामी तीन महीनों में उप चुनाव करवाने के निर्देश दिए।

    जिलों से ये आए प्रस्ताव

    • गोल्डन कार्ड की विसंगतियों को दूर किया जाए।
    • पुरानी पेंशन बहाली जल्द हो।
    • अंतरजनपदीय तबादला की व्यवस्था शुरू हो।
    • सीआरपी-बीआरपी पदों पर प्राथमिक शिक्षकों का प्रतिनिधित्व तय हो।
    • औपबंधिक शिक्षकों का नियमितीकरण हो।

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