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    Dehradun Smart City का सच : नीतिगत फैसले अटके, ढाई साल में तय नहीं परेड मैदान गांधी पार्क से मिलेगा या नहीं

    By Nirmala BohraEdited By:
    Updated: Mon, 19 Sep 2022 09:30 AM (IST)

    Dehradun Smart City परेड ग्राउंड को गांधी पार्क से मिलाया जाना है। करीब डेढ़ साल का अतिरिक्त समय विस्तार मिलने के बाद निर्माण संबंधी काम लगभग पूरे कर ...और पढ़ें

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    Dehradun Smart City : ढाई साल में तय नहीं परेड मैदान गांधी पार्क से मिलेगा या नहीं। जागरण

    सुमन सेमवाल, देहरादून : Dehradun Smart City : परेड मैदान का स्वरूप तभी बदल चुका था, जब यह महज ट्रेड फेयर या मेले आयोजित करने का स्थान बन गया था। फिर स्मार्ट सिटी ने उम्मीद जगाई की शहर के बीच कोई ऐसी जगह हो जो चौतरफा खुली हो और वहां पैदल चलने के साथ हरियाली का मजा भी लिया जा सके।

    लोग यहां दो पल बैठकर सुकून के पल भी बिता सकें। इसके लिए स्मार्ट सिटी के तहत परेड ग्राउंड सुदृढ़ीकरण परियोजना तैयार की गई और धरातल पर वर्ष 2019 से काम शुरू कर दिया गया।

    करीब डेढ़ साल का अतिरिक्त समय विस्तार मिलने के बाद निर्माण संबंधी काम लगभग पूरे कर लिए गए हैं, लेकिन नीतिगत स्तर के निर्णय अभी भी बाकी हैं। वह यह कि परेड मैदान को गांधी पार्क से मिलाया जाएगा या नहीं।

    परेड ग्राउंड को गांधी पार्क से मिलाया जाना है

    परेड मैदान सुदृढ़ीकरण परियोजना को बड़े स्वरूप में देखा जाए तो इसके तहत परेड ग्राउंड को गांधी पार्क से मिलाया जाना है। इसके लिए कनक चौक से लैंसडौन चौक के बीच की सड़क को बंद किया जाना है। ताकि गांधी पार्क व परेड ग्रांउड की सैर निर्बाध रूप से एक साथ किया जा सके।

    दोनों स्थलों के बीच की सड़क बंद होने के बाद यातायात को संभालने के लिए कनक चौक से विकास भवन चौक व तिब्बती बाजार होते हुए दर्शनलाल चौक जाने वाली करीब अर्द्धव्यास के आकार वाली सड़क को चौड़ा किया जाना था। यह चौड़ाई हासिल कर ली गई है। हालांकि, सड़क को अंतिम रूप दिया जाना अभी भी बाकी है। यह काम भी दो माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    इसके अलावा परेड मैदान को व्यवस्थित रूप देने के लिए आंतरिक स्तर के कई काम भी पूरे कर लिए गए हैं। हालांकि, बड़ा सवाल अभी भी अपनी जगह बाकी है कि गांधी पार्क व परेड मैदान को आपस मे मिलाया जाएगा या नहीं।

    इस निर्णय के बिना परियोजना को पूरा नहीं माना जा सकता। यह निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली हाई पावर कमेटी को लेना है। बीच मे स्थानीय स्तर की राजनीति के चलते यह मामला लटक गया था, लेकिन निर्णय तो फिर भी करना ही पड़ेगा।

    यह काम हुए पूरे

    • परेड मैदान में वीआइपी मंच
    • परेड मैदान में करीब 1200 मीटर का पाथवे
    • परेड मैदान क्षेत्र में करीब 1300 मीटर नाली का निर्माण
    • 2200 किलोलीटर क्षमता का रेन वाटर हार्वेस्टिंग टैंक
    • फुटपाथ व आंतरिक सड़कें
    • परेड मैदान में ग्रीन क्षेत्र का विकास

    इन काम पर इंतजार बरकरार

    परेड मैदान के इर्द-गिर्द चौड़ी की गई सड़क को अंतिम रूप दिया जाना है। परेड मैदान में सौंदर्यीकरण के विभिन्न काम किए जाने हैं। विकसित किए गए हरियाली क्षेत्र में व्यवस्थित रूप में लाना है।