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    Dehradun News: बिहार के छात्र ने फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर RIMC में लिया दाखिला, ऐसे खुला मामला, मचा हड़कंप

    By Jagran NewsEdited By: Nirmala Bohra
    Updated: Fri, 27 Jan 2023 08:40 AM (IST)

    Dehradun News देहरादून के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कालेज में प्रवेश लेने के लिए बिहार के एक छात्र के पिता ने फर्जी प्रमाण पत्र जमा करा दिए ...और पढ़ें

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    Dehradun News: आरआइएमसी में प्रवेश लेने के लिए बिहार के एक छात्र के पिता ने फर्जी प्रमाण पत्र जमा कराए।

    जागरण संवाददाता, देहरादून: Dehradun News: देहरादून के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कालेज (आरआइएमसी) में प्रवेश लेने के लिए बिहार के एक छात्र के पिता ने फर्जी प्रमाण पत्र जमा करा दिए। कालेज की ओर से छात्र के पिता के विरुद्ध कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

    लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक राणा ने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई

    आरआइएमसी के सहायक प्रशासनिक और प्रशिक्षण अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक राणा ने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। बताया कि विनय कुमार पांडेय नाम के व्यक्ति ने अपने पुत्र को फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर आरआइएमसी में प्रवेश दिलाया।

    फर्जी जन्म, अधिवास और बोनाफाइड प्रमाण पत्र जमा किए

    बताया कि विनय कुमार पांडेय निवासी ग्राम बिशनपुरा, छपरा, बिहार के पुत्र को योग्यता के अनुसार कालेज में दाखिला दिया गया। पिता की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच करने पर यह पाया गया कि उन्होंने जिला प्रशासन और ब्राइट स्टार पब्लिक स्कूल, जलालपुर, बिहार के नाम से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, अधिवास प्रमाण पत्र और बोनाफाइड प्रमाण पत्र जमा किए हैं।

    उन्होंने अपने पुत्र का की जन्म तिथि 28 जुलाई 2009 दर्शायी है, जो कि स्कूल बोनाफाइड सर्टिफिकेट ब्राइट स्टार पब्लिक स्कूल के अनुसार है।

    जबकि बिहार सरकार योजना और विकास विभाग, आर्थिक और सांख्यिकी निदेशालय की ओर से जारी जन्म प्रमाण पत्र में छात्र की बहन की जन्म तिथि 28 जुलाई 2009 के रूप में दर्शायी गई है। उनके आवेदन पत्र में पुत्र की जन्म तिथि 28 जुलाई 2010 है।

    बहन के जन्म प्रमाण की तिथि को ही संलग्न कर दिया गया

    जांच में पता चला कि छात्र की स्कूल का बोनाफाइड सर्टिफिकेट और बिहार सरकार के योजना और विकास विभाग, आर्थिक और सांख्यिकी निदेशालय की ओर से जारी असली जन्म प्रमाण पत्र में जन्म तिथि 28 जुलाई 2010 ही है। आवेदन पत्र के साथ बहन के जन्म प्रमाण की तिथि को ही संलग्न कर दिया गया। गहन जांच के बाद पता चला कि विनय कुमार पांडे ने प्रवेश के लिए जाली दस्तावेज तैयार किए हैं और गलत जानकारी दी।