देहरादून, राज्य ब्यूरो। भारतीय सैन्य अकादमी के बीच से गुजरने वाले चकराता मार्ग (एनएच-72) पर जाम की समस्या अब नहीं होगी। तकरीबन चालीस सालों से बरकरार यह दिक्कत दूर होने जा रही है। रक्षा मंत्रालय ने आइएमए के उत्तरी, दक्षिण और मध्य परिसर को जोड़ने के लिए दो अंडरपास (भूमिगत मार्ग) के निर्माण को 45 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है। सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इसका वर्चुअल शिलान्यास करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी मौजूद रहेंगे। 

भारतीय सैन्य अकादमी के बीच से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर अंडरपास बनाने का मामला लंबे समय से लंबित था। पूर्व में भी कई बार इस दिशा में कदम उठाए गए और डीपीआर भी तैयार की गई थी। हर बार मामला सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय व रक्षा मंत्रालय के बीच लटकता रहा। अंडरपास नहीं बनने से स्थानीय लोगों को दिक्कत उठानी पड़ती है। कारण यह कि आइएमए में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कैडेट जितनी दफा एक परिसर से दूसरे परिसर में आवागमन करते हैं, उतनी बार यातायात रोक दिया जाता है।

साल में दो बार यानी जून और दिसंबर में होने वाली पासिंग आउट परेड के दौरान तो सप्ताहभर से अधिक समय तक इस मार्ग से गुजरने वाले आमजन की मुसीबतें और बढ़ जाती हैं। रोजाना सुबह व शाम को चकराता मार्ग से गुजरने वाले यातायात को अन्य मार्गों से डायवर्ट कर दिया जाता है। अंडरपास बनने के बाद अब जनता को इस समस्या से दो-चार नहीं होना पड़ेगा। 

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अंडरपास के वर्चुअल शिलान्यास के इस संबंध में शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में आएमए के कमांडेंट ले. जनरल जेएस नेगी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की।मुख्यमंत्री ने कहा कि आइएमए में दो अंडरपास बनेंगे। एक आने के लिए और एक जाने के लिए। परेड के दौरान आइएमए में सुरक्षा की दृष्टि से राज्य सरकार एवं सेना को भी चिंता रहती थी। इनके बनने से परेड के दौरान लोगों को आवाजाही की जो दिक्कतें होती थी, उसका भी समाधान होगा।

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