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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बेटी ने तोड़ी रूढ़ियों की बेड़ियां, पिता का किया अंतिम संस्‍कार

By gaurav kalaEdited By:
Published: Tue, 08 Nov 2016 10:00 AM (IST)Updated: Wed, 09 Nov 2016 03:00 AM (IST)

देहरादून में एक बेटी ने अपने पिता के शरीर को मुखाग्नि देकर रू‍ढ़ियों की परंपरा को तोड़ दिया। समाज की परवाह किए बगैर उसने बेटे का फर्ज निभाया।

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डोईवाला, देहरादून, [जेएनएन]: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक बेटी ने अपने पिता के शरीर को मुखाग्नि देकर रूढ़ियों की परंपरा को तोड़ दिया। सब हतप्रभ थे, लेकिन बेटी ने समाज की परवाह किए बगैर बेटे का फर्ज निभाया।
देहरादून राजस्व विभाग से सेवानिवृत्त नगरपालिका डोईवाला निवासी चमनलाल दत्ता को हृदयघात आने पर हिमालयन हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।

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उनकी दो पुत्री हैं। पुत्र द्वारा किए जाने वाले कर्मकांड को उनकी बड़ी बेटी पिंकी दत्ता ने रूढ़ीवादिता से हटकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। स्व. चमनलाल दत्ता के रिश्तेदार ललित बाली ने बताया कि डोईवाला सौंग नदी घाट पर उनकी अंत्येष्टी की गई।

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