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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Covid Curfew In Uttarakhand: उत्‍तराखंड में कोरोना के हालात नियंत्रित हुए तो ही कोविड कर्फ्यू में मिलेगी ढील

By Sunil NegiEdited By:
Published: Sat, 22 May 2021 02:30 PM (IST)

Covid Curfew In Uttarakhand सरकार राज्य में कोविड कर्फ्यू में ढील देने के मामले में संक्रमण की स्थिति के आकलन ...और पढ़ें

उत्‍तराखंड में कोरोना के हालात नियंत्रित हुए तो ही कोविड कर्फ्यू में मिलेगी ढील।
उत्‍तराखंड में कोरोना के हालात नियंत्रित हुए तो ही कोविड कर्फ्यू में मिलेगी ढील।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। Covid Curfew In Uttarakhand सरकार राज्य में कोविड कर्फ्यू में ढील देने के मामले में संक्रमण की स्थिति के आकलन के बाद ही कोई फैसला करेगी। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि हर रोज कोरोना पाजिटिव का आंकड़ा एक हजार से नीचे आने के बाद ही रियायत देने पर विचार किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री व सरकार के प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कहा कि कोरोना के नियंत्रण को लेकर स्थिति अनुकूल नहीं रही तो और सख्ती की जाएगी। यदि संक्रमण की दर में कमी आती है तो समीक्षा के बाद ढील देने पर विचार किया जाएगा।

जनसंख्या और क्षेत्रफल के लिहाज से छोटे राज्य उत्तराखंड को कोरोना की दूसरी लहर में बेहद चुनौतीपूर्ण स्थितियों से गुजरना पड़ रहा है। कोरोना संक्रमण के फैलने और इससे होने वाली मौत के आंकड़ों से सरकार की पेशानी पर बल पड़े हुए हैं। कोविड कर्फ्यू को लेकर सख्ती बरतने के बाद स्थिति में कुछ सधार दिखाई देने लगा है। हालांकि, इस सुधार को लेकर सरकार पूरी तरह आश्वस्त दिखाई नहीं दे रही है। इसकी वजह ग्रामीण क्षेत्रों में भी संक्रमण की दर बढ़ना है। माना जा रहा है ऐसे में 30 मई तक सख्ती बरकरार रह सकती है।

सरकार अब मान रही है कि कोरोना की दूसरी लहर में अन्य राज्यों में संक्रमण बढ़ने के बाद उत्तराखंड का रुख करने वाले व्यक्तियों की ट्रेकिंग व ट्रेसिंग पर समुचित ध्यान नहीं दिया जा सका है। इसका नतीजा मौजूदा गंभीर हालात के रूप में भुगतना पड़ रहा है। हालत में स्थायी तौर पर सुधार दिखने पर ही कोविड कर्फ्यू में कुछ रियायतें देने पर विचार किया जाएगा। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि बाहर से आने वालों को अब उत्तराखंड में बगैर आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट के दाखिल नहीं होने दिया जाएगा। इसमें ढील नहीं दी जाएगी।

कैबिनेट मंत्री व सरकार के प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर स्थिति की समीक्षा के बाद ही आगे कदम बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर के अंदेशे को देखते हुए तैयारी की जा रही है। बच्चों के संक्रमण की जद में आने पर प्रदेशभर में अस्पतालों के आसपास के होटलों का अधिग्रहण किया जाएगा। इन्हें कोविड केयर सेंटर के रूप में तैयार किया जाएगा। इसमें बच्चों के साथ उनके माता-पिता के रहने की व्यवस्था भी की जाएगी।

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