विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ALL Weather Road: वन मंत्री हरक सिंह रावत बोले, ऑल वेदर रोड का निर्माण देशहित में जरूरी

By Raksha PanthariEdited By:
Published: Sat, 29 Aug 2020 11:54 PM (IST)

कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि चारधाम को जोड़ने वाली ऑल वेदर रोड परियोजना का न सिर्फ धार्मिक ...और पढ़ें

ALL Weather Road: वन मंत्री हरक सिंह रावत बोले, ऑल वेदर रोड का निर्माण देशहित में जरूरी
ALL Weather Road: वन मंत्री हरक सिंह रावत बोले, ऑल वेदर रोड का निर्माण देशहित में जरूरी

देहरादून, राज्य ब्यूरो। वन और पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि चारधाम को जोड़ने वाली ऑल वेदर रोड परियोजना का न सिर्फ धार्मिक बल्कि राष्ट्रीय महत्व है। देशहित में भी इस सड़क का निर्माण आवश्यक है। देशहित के सामने सबकुछ गौण है। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी जिले के अंतर्गत भागीरथी ईको सेंसिटिव जोन में सड़क निर्माण के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित कमेटी ने बहुमत के आधार पर फैसला दिया है। इसी के अनुरूप भागीरथी ईको सेंसिटिव जोन से सड़क निर्माण की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित कमेटी के चेयरमैन समेत पांच सदस्यों ने भागीरथी ईको सेंसिटिव जोन में सड़क निर्माण को लेकर आपत्ति जताई थी। इस संबंध में उनकी ओर से राज्य और केंद्र सरकार को चिट्ठी भी भेजी गई थी। तब से यह मामला गर्माया हुआ है। इस बीच शनिवार को वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी को इस मामले में बहुमत के आधार पर फैसला लेने के आदेश दिए थे। कमेटी के चेयरमैन समेत पांच सदस्यों को छोड़ शेष सभी सदस्यों ने इस सड़क के पक्ष में बहुमत दिया। उन्होंने कहा कि यह सड़क देशहित में बन रही है और देशहित सर्वोपरि होता है। ऐसे में कुछ बातों को नजरअंदाज भी करना होता है। 

यह भी पढ़ें: All Weather Road: भागीरथी ईको सेंसिटिव जोन में जल्द बनेगी ऑल वेदर रोड

889 किमी लंबी है ये परियोजना

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की हाईपावर कमेटी ने बहुमत के आधार पर भागीरथी ईको सेंसिटिव जोन में ऑल वेदर रोड के निर्माण के पक्ष में फैसला दिया था। इससे सरकार को बड़ी राहत मिली और अब तेजी से इस दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। 11700 करोड़ की लागत वाली 889 किमी लंबी इस परियोजना को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री भी इसकी प्रगति का ब्योरा ले चुके हैं और साफ कर चुके हैं कि यह योजना राज्य और केंद्र सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है। इसे तय अवधि में पूरा किया जाना है। इसके आकार लेने पर चारधाम यात्रा मार्ग पर आवागमन में सुविधा के साथ ही सीमांत क्षेत्रों में आवाजाही सुगम होगी। साथ ही क्षेत्र के विकास की नई राह भी प्रशस्त होगी। 

यह भी पढ़ें: ऑलवेदर रोड परियोजना अब भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन की बंदिशों से मुक्त