देहरादून, जेएनएन। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि की ओर से की गई फीस वृद्धि का चौतरफा विरोध हो रहा है। डीएवी एवं डीबीएस कॉलेजों में सभी छात्र संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज किया और विवि के कुलपति का पुतला फूंका। 

डीएवी कॉलेज में विभिन्न छात्र संगठनों ने प्राचार्य कक्ष में जाकर वहां से प्राचार्य की कुर्सी व टेबल बाहर निकाले व कार्यालय पर ताला जड़ दिया। गुस्साए छात्रों ने कुर्सी व टेबल को कॉलेज कैंपस की सड़क के बीचोंबीच रख दिया। टेबल पर प्राचार्य की नेम प्लेट भी रखी गई। छात्र-छात्राएं प्राचार्य कक्ष को जाने वाली सीढि़यों में ही धरने पर बैठ गए। 

मौके पर छात्र अधिष्ठाता मेजर अतुल सिंह व डॉ.गोपाल क्षेत्री ने छात्रों को समझाने की कोशिश की। कहा कि कॉलेज प्रशासन बढ़ी हुई फीस के बारे में विवि प्रशासन से लगातार संपर्क में हैं, लेकिन छात्र नहीं माने। कुछ छात्रों ने कॉलेज का मुख्य गेट दोपहर 12 बजे के करीब बंद कर दिया, जिससे करीब एक घंटे कॉलेज के भीतर पार्क की गई कारें बाहर नहीं जा पार्ई। 

छात्रसंघ अध्यक्ष निखिल शर्मा ने कहा कि जो फीस पहले 850 रुपये थी उसे बढ़ाकर 2150 रुपये कर दिया गया है। दून के अशासकीय सहायता प्राप्त कॉलेजों में गरीब व मध्यवर्गीय परिवार के बच्चे पढ़ते हैं। एक मुश्त 13 सौ रुपये का बोझ विवि ने छात्रों पर डाला है। 

इस दौरान छात्र संघ उपाध्यक्ष पारितोष, सत्यम शिव छात्र संगठन से पूर्व महासचिव कपिल शर्मा, आर्यन छात्र संगठन से डीएवी के पूर्व महासचिव शरवीर सिंह चौहान के अलावा शुभम राठौर, आशीष रावत, शशांक सती, संजय चंद आदि ने धरना दिया। 

उधर, श्री गुरुराम राय पीजी कॉलेज के सक्षम छात्र संगठन ने गढ़वाल विवि का खुड़बुड़ा मोहल्ला स्थित कैंप कार्यालय को भी बंद करवा दिया और वहां धरना दिया। इस दौरान पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष प्रविंद्र गुप्ता व वर्तमान अध्यक्ष शुभम बंसल आदि मौजूद रहे। 

डीबीएस में अभाविप ने फूंका कुलपति का पुतला 

डीबीएस पीजी कॉलेज में फीस वृद्धि के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विरोध प्रदर्शन कर विवि की कुलपति का पुतला फूंका और प्राचार्य को ज्ञापन सौंप फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की। कॉलेज छात्र संघ अध्यक्ष मोहन प्रसाद सती की अगुवाई में प्राचार्य को सौंपे ज्ञापन में छात्रों ने बताया कि विवि कॉलेजों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं से व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करने वाले छात्रों के बराबर फीस वसूल रहा है। 

गरीब व मध्यवर्गीय परिवार के छात्र इतनी अधिक फीस देने में सक्षम नहीं हैं। आर्थिक तंगहाली के कारण प्रदेश के दूर-दूर क्षेत्रों से छात्र-छात्राएं यहां स्नातक व स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने आते हैं। जिनकी विवि को कोई चिंता नहीं है। छात्रों ने कॉलेज परिसर में विवि कुलपति का पुतला जलाया। 

इस दौरान अभाविप के सत्यम कनौजिया, अविजीत पाल, आयुष उनियाल, शुभम रावत, हिमांशु कुमार, रोहन जोशी आदि मौजूद रहे। एमकेपी की छात्राओं ने किया विरोध एमकेपी में अभाविप की छात्राओं ने फीस वृद्धि का विरोध करते हुए प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। 

इस दौरान छात्र संघ अध्यक्ष मनीषा राणा ने चेतावनी दी कि यदि विवि ने बढ़ी हुई फीस वापस नहीं ली तो छात्राएं आंदोलन करेंगी। इस मौके पर छात्र संघ महासचिव अंकिता जगूड़ी, अभाविप की कार्यकारिणी सदस्य प्रगति रावत, कॉलेज इकाई की पूर्व अध्यक्ष तानिया वालिया आदि मौजूद रही।

फीस वृद्धि पर एमपीजी कॉलेज के छात्रों ने फूंका पुतला

एचएनबी केंद्रीय विश्वविद्यालय की ओर से बढ़ाई गई फीस के विरोध में एमपीजी कॉलेज के छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन का पुतला दहन किया। वहीं, एबीवीपी ने फीस वृद्धि वापस लेने की मांग को लेकर प्राचार्य डॉ. एसपी जोशी के माध्यम से विवि प्रशासन को ज्ञापन भी प्रेषित किया। 

एमपीजी कॉलेज के छात्र-छात्राएं किंक्रेग में एकत्रित हुए। जहां कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष प्रिंस पंवार के नेतृत्व में छात्रों ने विवि कुलपति तथा प्रदेश के उच्चशिक्षा मंत्री धनसिंह रावत के खिलाफ परीक्षा शुल्क वृद्धि के विरोध में नारेबाजी की और उनका पुतला जलाया। छात्र नेताओं ने कहा कि अधिकांश छात्र गरीब परिवारों से हैं जो इतनी अधिक फीस देने में असमर्थ हैं। सरकार एक ओर सबको शिक्षा देने की बात करती है और दूसरी ओर पढ़ने  वाले छात्रों की भावनाओं से खेल रही है। 

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इस मौके पर एबीवीपी के सुमित भंडारी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अभिलाष, सपना शर्मा, छात्रसंघ कोषाध्यक्ष मेघना, विवि प्रतिनिधि अमित पंवार, सौरभ, मनीष पांडे, नवीन शाह, एनएसयूआइ शहर अध्यक्ष जगपाल गुसाईं आदि शामिल रहे।

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