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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देहरादून में फटा बादल: आपदा के दूसरे दिन दिखा तबाही का मंजर और दिखे सैलाब में बही गृहस्‍थी के निशान, तस्‍वीरें

By Nirmala BohraEdited By:
Published: Sun, 21 Aug 2022 03:04 PM (IST)

Cloudburst in Dehradun मालदेवता में बादल फटने से समूचे क्षेत्र में तबाही आ गई। इस आपदा में आठ लोग घायल ...और पढ़ें

Cloudburst in Dehradun : विवार को प्रभावित गांवों में मलबे का अंबार फैला दिखा। जागरण
Cloudburst in Dehradun : विवार को प्रभावित गांवों में मलबे का अंबार फैला दिखा। जागरण

टीम जागरण, देहरादून : Cloudburst in Dehradun : शनिवार को देहरादून के मालदेवता में बादल फटने से समूचे क्षेत्र में तबाही आ गई। इस आपदा में आठ लोग घायल हुए हैं। वहीं, पांच लोग लापता हैं। दो के शव आज आपदा के दूसरे दिन रविवार को मलबे से बरामद कर लिए गए हैं।

रायपुर ब्लाक के छमरोली में शुक्रवार को देर रात बादल फटने से बर्बादी का मंजर है। मालदेवता में एक रिजोर्ट के छह टेंट बह गए हैं। इस आपदा में प्रारंभिक नुकसान 1270.20 लाख रुपये आंका गया है। वहीं रविवार को प्रभावित गांवों में मलबे का अंबार फैला दिखा।

सैलाब में बहे गृहस्‍थी के निशान बादलों के फटने से पैदा हुए जलप्रलय की दर्दनाक कहानी सुना रहे थे। वो बयां कर रहे थे कि प्रकृति ने किस तरह प्रचंड रूप दिखाकर इंसान को अपनी शक्ति का अहसास कराया।

शनिवार को मालदेवता के सरखेत में बादल फटने के बाद मकान से लेकर दुकानें बह गईं। इस दौरान बौठा गांव, सरखेत, पीपीसीएल व घंतू का सेरा मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रत्‍यक्ष‍दर्शियों ने तबाही का मंजर बयां किया, उन्‍होंने बताया कि बांदल नदी व क्षेत्र के गदेरों ने शनिवार सुबह साढ़े चार बजे तक पूरे क्षेत्र में जबदस्त तबाही मचाई।

करीब पौने पांच बजे से वर्षा थमी और घर के चारों और मलबा और पत्थर गिरे हुए हैं। कुछ ग्रामीण आधी रात को हीअपना सब कुछ छोड़कर जान बचाने के लिए आसपास के जंगल और ऊंचाई वालो क्षेत्रों की तरफ भाग गए। रायपुर में बादल फटने से मालदेवता, तिमली, मानसिंहवाला, भैंसवाड़ा, सेरकी, छमरोली के 72 से अधिक परिवार बादल फटने से प्रभावित हुए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को रायपुर व थानों क्षेत्र के विभिन्न आपदाग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने पौड़ी, टिहरी एवं अल्मोड़ा आदि जनपदों के डीएम से दूरभाष पर वार्ता कर अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त की।

मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) झरना कमठान ने जिला आपदा परिचालन केंद्र (कंट्रोल रूम) से आपदा प्रबंधन की व्यवस्था का संचालन किया। इस दौरान उन्होंने आपदा की सूचनाओं को संकलित कर जरूरत के मुताबिक राहत एवं बचाव कार्यों में गति लाने में सहयोग किया।

सरखेत क्षेत्र में बिजली व्यवस्था बाधित होने पर अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण से आग्रह किया कि क्षेत्रवासियों के लिए सोलर लाइट का इंतजाम किया जाए। इस पर अभिकरण की वरिष्ठ परियोजना अधिकारी वंदना ने तत्परता के साथ प्रभावित परिवारों के लिए 25 सोलर लाइट का इंतजाम किया।