संवाद सूत्र, कालसी: क्षेत्र के व्यासनहरी में जेसीबी से यमुना का रुख मोड़कर खनन कार्य किया जा रहा है। नियम विरुद्ध खुदाई से नदी का रुख बदलने से व्यासनहरी व हरिपुर को बरसात में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, साथ ही नदी का रुख बदलने से कुछ इलाके में खेतों की सिचाई भी प्रभावित हुई है। क्षेत्रीय लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर जेसीबी पर रोक लगाने की मांग की है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि व्यासनहरी में खनन माफिया ने यमुना नदी में जेसीबी उतारकर नदी का रुख मोड़ दिया और खनन कार्य किया जा रहा है। जिस कारण नदी का बहाव व्यासनहरी हरिपुर की तरफ आ गया है और पानी उनके खेतों तक नहीं पहुंच रहा है। जिस कारण किसानों की फसलें भी बर्बाद हो रही है। यमुना का रुख बदलने से बरसात में उनके घरों को भी खतरा बढ़ गया है। उन्होंने इस संबंध में एसडीएम कालसी को तहसीलदार कालसी के माध्यम से ज्ञापन भेजा है और जेसीबी पर रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वह आंदोलन को बाध्य होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि मानकों के अनुसार रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन पर जेसीबी लगाने का अधिकार नहीं है, जबकि खनन माफिया ने अपनी मनमर्जी से नदी में एक नहीं तीन-तीन जेसीबी उतार दी है और नदी की प्राचीन धाराओं को दूसरी तरफ गांव की ओर मोड़ा जा रहा है। जिससे भविष्य में भारी संकट हो जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम प्रधान हरिपुर जवाहर सिंह चकित, नरेश चौहान, जगदीश शर्मा, विजय कुमार, सूरत सिंह चौहान, देवेंद्र, चतर सिंह, देवेंद्र सिंह, चतर सिंह आदि शामिल रहे।

Edited By: Jagran

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