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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड को केंद्र की सौगात, 1300 करोड़ के प्रोजेक्ट मंजूर

By Raksha PanthariEdited By:
Published: Wed, 22 Nov 2017 01:58 PM (IST)Updated: Wed, 22 Nov 2017 08:54 PM (IST)

केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को बड़ी सौगात देते हुए 1300 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इसका मकसद राज्य में बागवानी और ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देना है।

उत्तराखंड को केंद्र की सौगात, 1300 करोड़ के प्रोजेक्ट मंजूर
उत्तराखंड को केंद्र की सौगात, 1300 करोड़ के प्रोजेक्ट मंजूर

देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: उत्तराखंड को केंद्र से एक बड़ी सौगात मिली। विश्व बैंक पोषित प्रोजेक्ट को लेकर दिल्ली में हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में राज्य में बागवानी और ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए 1300 करोड़ के प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी गई। 

वित्त मंत्रालय के अधीन आर्थिक मामलों के संयुक्त सचिव समीर खरे की अध्यक्षता में हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में उत्तराखंड से उद्यान, कृषि व ग्रामीण उद्यम से जुड़े तीन प्रोजेक्ट रखे गए। बैठक में राज्य की ओर से प्रमुख सचिव एमएसएमई मनीषा पंवार, सचिव कृषि एवं उद्यान डी सेंथिल पांडियन, उद्यान निदेशक डॉ.बीएस नेगी, अपर निदेशक उद्योग एससी नौटियाल व संयुक्त निदेशक कृषि एससी सिंह ने शिरकत की। बताया गया कि बैठक में बागवानी से संबंधित 700 करोड़ और ग्रामीण उद्यमों से जुड़े 600 करोड़ के प्रोजेक्ट को कमेटी ने सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी। 

उद्यान निदेशक डॉ. नेगी के मुताबिक 700 करोड़ की मंजूरी मिलने से राज्य में एकीकृत बागवानी विकास परियोजना को गति मिलेगी। इसके तहत बागवानी को बढ़ावा देने के कई कदम उठाए जाएंगे, जो फलोत्पादकों की आय दोगुना करने में मदद करेगा। वहीं, अपर निदेशक उद्योग एससी नौटियाल ने बताया कि सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योग (एमएसएमई) के माध्यम से अब पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों को और अधिक प्रोत्साहन मिल सकेगा। इससे वहां स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। 

750 करोड़ के प्रोजेक्ट पर मुहर की उम्मीद 

स्क्रीनिंग कमेटी ने कृषि से संबंधित 750 करोड़ का प्रोजेक्ट को स्वीकार कर लिया, लेकिन वित्त से संबंधित प्रमाणपत्र न होने के कारण इसे सैद्धांतिक मंजूरी नहीं मिल पाई। संयुक्त निदेशक कृषि एससी सिंह के अनुसार वित्त सचिव की ओर से यह प्रमाणपत्र जमा कराने की बात कही गई। उम्मीद है कि कमेटी इस पर भी मुहर लगा देगी। 

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