आयुष चिकित्सकों को CCIM ने दिया एक और मौका, इस तारीख तक प्रस्तुत कर सकते हैं दस्तावेज
CCIM ने आयुष चिकित्सकों को एक आखिरी मौका दिया है। वह सात दिसंबर तक अपना प्रूफ ऑफ रेजिडेंस व राज्य में पंजीयन आदि का प्रमाण प्रस्तुत कर सकते हैं। बता दें कि दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर सीसीआइएम ने कई शिक्षकों के टीचर कोड निरस्त कर दिए हैं।
जागरण संवाददाता, देहरादून। भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (सीसीआइएम) ने आयुष चिकित्सकों को एक आखिरी मौका दिया है। वह सात दिसंबर तक अपना प्रूफ ऑफ रेजिडेंस व राज्य में पंजीयन आदि का प्रमाण प्रस्तुत कर सकते हैं। बता दें कि दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर सीसीआइएम ने कई शिक्षकों के टीचर कोड निरस्त कर दिए हैं। साथ ही दस साल का प्रतिबंध भी लगा दिया है, जिसे लेकर देशभर के शिक्षकों ने आपत्ति जताई है। उन्होंने दस्तावेज जमा न करने के पीछे कोरोना व कई अन्य कारण बताए हैं। ऐसे में सीसीआइएम ने शिकायत निवारण समिति का गठन कर दिया है। यह स्पष्ट किया है कि इसके बाद कोई अवसर नहीं दिया जाएगा।
दरअसल, मेडिकल कॉलेजों की ओर से कागजों में फर्जी शिक्षकों व चिकित्सकों की लंबी-चौड़ी सूची दिखाकर संबंधित चिकित्सा परिषदों और विश्वविद्यालय से मान्यता लेने के मामले सामने आते रहे हैं। स्थिति यह कि एक शिक्षक, कई-कई जगह सेवाएं दे रहा है। यह फर्जीवाड़ा समाप्त करने और शैक्षणिक कार्यों के उन्नयन के लिए सीसीआइएम ने पिछले कुछ वक्त में कई कदम उठाए हैं।
संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों से लेकर पढ़ाने वाले शिक्षकों तक के लिए हाजिरी का फॉर्मेट बदला गया है। इसके अलावा गत वर्ष सितंबर माह में टीचर्स मैनेजमेंट सिस्टम की भी शुरुआत की गई थी। शिक्षकों के लिए संबंधित राज्य के चिकित्सा बोर्ड में पंजीयन कराना भी जरूरी किया गया है। यही नहीं, आयुष मंत्रालय ने शिक्षकों के लिए नोटराइज्ड शपथ पत्र के जरिये घर का पता और जिस कॉलेज में कार्यरत हैं, उसकी जानकारी देना भी अनिवार्य किया गया है। इसके अभाव में शिक्षकों को 'फेक फैकल्टी' की श्रेणी में रखा गया है।
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