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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देहरादून का ऐतिहासिक झंडा मेला: जयकारों और पुष्प वर्षा के साथ दरबार पहुंचा ध्वज दंड

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Published: Wed, 11 Mar 2020 08:15 PM (IST)Updated: Thu, 12 Mar 2020 08:36 AM (IST)

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देहरादून का ऐतिहासिक झंडा मेला: जयकारों और पुष्प वर्षा के साथ दरबार पहुंचा ध्वज दंड
देहरादून का ऐतिहासिक झंडा मेला: जयकारों और पुष्प वर्षा के साथ दरबार पहुंचा ध्वज दंड

देहरादून, जेएनएन। दून के ऐतिहासिक झंडा जी मेले के लिए नया ध्वज दंड दरबार साहिब पहुंच गया। संगत ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर मोथरोवाला स्थित एसजीआरआर स्कूल से दरबार साहिब तक कंधों पर उठा कर ध्वज दंड को पहुंचाया। जहां-जहां से संगत गुजरी वहां जयकारों और पुष्प वर्षा के साथ स्वागत हुआ। दरबार साहिब परिसर में जयकारों के साथ ध्वज दंड ला रही संगत का भव्य स्वागत किया गया। 

झंडे जी मेले के लिए पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, दिल्ली समेत अन्य राज्यों से संगत दून पहुंच गई है। मेले को लेकर श्रद्धालुओं में इस बार खासा उत्साह है। साल 2017 के बाद इस दफा झंडेजी का ध्वज दंड बदला जा रहा है। दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज के एसजीआरआर स्कूल मोथरोवाला पहुंचने पर संगत ने उनका आशीर्वाद लिया।

यहां संगत को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि झंडाजी मेला प्रेम, स्नेह व सद्भाव का प्रतीक है। यहां पूजा अर्चना के बाद करीब साढे़ 11 बजे संगत ने ध्वज दंड को अपने कंधों पर उठा कर जयकारों के साथ दरबार साहिब के लिए प्रस्थान किया। संगत बंजारावाला, कारगी चौक, पथरी बाग, पटेल नगर, लाल पुल, सहारनपुर रोड से सहारनपुर चैक होते हुए दरबार साहिब पहुंची। यहां परिसर में पहुंचते ही संगत ने ढोल नगाड़ों की थाप पर नृत्य के साथ ध्वज दंड का स्वागत किया। 

कोरोना के प्रति सजग रहें 

श्रीमहंत देवेन्द्र दास ने संगतों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि कोरोना के प्रति सजगता बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें। दरबार साहिब के वरिष्ठ जन संपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने बताया कि झंडेजी मेला प्रबंधन समिति की ओर से मेला स्थल पर दो थर्मल स्कैनर लगाए गए हैं। किसी भी श्रद्धालु को बुखार, सास लेने में तकलीफ या कोई अन्य तकलीफ हो तो वह तुरंत मेला अस्पताल में डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। 

परिसर में चहल-पहल 

शुक्रवार को ऐतिहासिक श्री झंडेजी का आरोहण होने के साथ मेला शुरू हो जाएगा। इसके लिए दर्शनी गिलाफ को सिलने का काम भी तेज हो गया है। वहीं दरबार साहिब प्रबंधन की ओर से सज्जा का विशेष इंतजाम किया गया है। मेला अधिकारी केसी जुयाल ने बताया कि परिसर को सुंदर सजावट के साथ ही दूधिया लाइट भी लगाई गई है। परिसर के बाहर दुकानें सजने के साथ ही संगतों ने ढोल और लोकगीतों पर नृत्य कर भी समां बांधा हुआ है।

एनआरआइ श्रद्धालुओं से न आने की अपील

कोरोना वायरस का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा। कोरोना वायरस के खौफ से पहले ही कई बड़े आयोजन रद हो चुके हैं। झंडा जी मेले पर भी इसका प्रभाव दिख रहा है। कोरोना के डर के चलते पहले ही इस साल मेले के लिए आने वाली संगतों में गिरावट के कयास लगाए जा रहे थे। अब झंडा जी मेला समिति की ओर से मेले में शामिल होने की चाह रखने वाले एनआरआइ श्रद्धालुओं को मेले में नहीं आने की अपील की है। 

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मेला प्रबंध समिति के व्यवस्थापक कैलाश चंद्र जुयाल ने बताया कि प्रबंध समिति की ओर एनआरआइ श्रद्धालुओं का न आने की अपील खुद श्रीमहंत देवेंद्र दास ने की है। साथ ही जो खांसी, जुकाम आदि वायरल बीमारियों से पीडि़त लोगों को भी मेले में न आकर पहले अपना ध्यान रखने और इलाज कराने की अपील की गई है।

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