राज्य ब्यूरो, देहरादून। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर राज्य में बेकाबू होते हालात ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इसे देखते हुए सरकार सोमवार से सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। इसके तहत राज्य की सीमाएं सील करने के साथ ही कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित जिलों देहरादून, हरिद्वार व ऊधमसिंहनगर और कुछ अन्य जिलों के संवेदनशील क्षेत्रों को सील करने पर मंथन चल रहा है। अंतर जिला परिवहन बंद करने के साथ ही जरूरी वस्तुओं की दुकानें खुलने के समय में कटौती के अलावा परचून की दुकानें सप्ताह में दो दिन खोलने पर विचार किया जा रहा है। इस बीच शनिवार शाम को देहरादून के विधायकों ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से मुलाकात कर दून में कोरोना संक्रमण की बढ़ती गति पर चिंता जताई। साथ ही इसकी रोकथाम को सख्त कदम उठाने का आग्रह किया। दून, देश के कोरोना संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित 15 जिलों में शामिल है। उधर, सरकार के प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सरकार स्थिति पर गंभीरता से नजर रखे हुए है। एक-दो दिन में कड़े कदम उठाने को सरकार तैयार है।

प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर जिस तेजी से पैर पसार रही है, उसने चिंता और चुनौती दोनों में इजाफा कर दिया है। शहर से लेकर गांव तक रोजाना ही बड़ी संख्या में संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। हालात ये है कि अब अस्पतालों में बेड के लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा है। देहरादून, हरिद्वार व ऊधमसिंहनगर जिलों में स्थिति अधिक खराब है। हालांकि, इन जिलों में 10 मई की सुबह पांच बजे तक पूर्ण कोरोना कर्फ्यू लगाया गया है। इसके अलावा शेष 10 जिलों में नगर निकायों, कस्बों व ग्रामीण बाजारों में भी कोरोना कर्फ्यू घोषित किया गया है।

इस सबके बावजूद हालात संभलते नजर नहीं आ रहे हैं। बीते रोज ही कोरोना संक्रमण के 9642 नए मामले आए, जबकि शनिवार को यह आंकड़ा 8390 रहा। सूरतेहाल, पेशानी पर बल पड़ने लगे हैं। ऐसे में सरकार अब सोमवार से सख्त कदम उठाने जा रही है। इसकी रूपरेखा तैयार करने के मद्देनजर गंभीरता से मंथन चल रहा है। सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वर्तमान में कोराना संक्रमण की चेन तोड़ने के मद्देनजर सरकार अब कड़े से कड़ा कदम उठाने को तैयार है। एक-दो दिन के भीतर इस बारे में निर्णय ले लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें-कैबिनेट मंत्री डा.हरक सिंह रावत बोले- कोरोना की रोकथाम को ली जा सकती है सेना की मदद

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें