देहरादून, राज्य ब्यूरो। प्रदेश सरकार कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए सैंपलिंग और टेस्टिंग को बढ़ाएगी। टेस्टिंग के लिए निजी लैब को अनुमति देने का निर्णय मंत्रिमंडल ने लिया है। कोविड-19 की टेस्टिंग की कीमत फिलहाल उत्तरप्रदेश एवं अन्य राज्यों की भांति रखी जाएगी। बाद में टेंडर के माध्यम से प्राप्त होने वाली न्यूनतम कीमत तय की जाएगी। अब क्वारंटाइन केंद्रों के रूप में होटल और लॉज का ज्यादा इस्तेमाल किया जाएगा। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

सरकार के प्रवक्ता व काबीना मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि मंत्रिमंडल ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति पर चर्चा की। संक्रमण बढ़ने की वजह से यह तय किया गया कि सैंपलिंग और टेस्टिंग तेज की जाएगी। अभी तक राज्य में कोरोना संदिग्धों के 25380 सैंपल लिए गए। इनमें से 19702 सैंपल नेगेटिव और और 500 सैंपल पॉजिटिव मिले हैं। मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया कि निजी लैब में सैंपलिंग की व्यवस्था की जाएगी। निजी लैब को टेंडर प्रक्रिया से लेने के लिए सात दिन की अवधि को घटाकर चार दिन किया गया है। इच्छुक निजी लैब आइसीएमआर से संपर्क कर लैब स्थापित कर सकेंगी। कोरोना के संदिग्ध संक्रमितों की टेस्टिंग का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। 

उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य में प्रति 10 लाख पर 2278 कोरोना टेस्टिंग की जा रही है। यह राष्ट्रीय स्तर पर 2586 टेस्टिंग से कम है। हालांकि उत्तराखंड इस मामले में उत्तरप्रदेश और केरल से आगे है। राज्य में कोरोना टेस्टिंग रिपोर्ट की वेटिंग करीब 4500 है। अभी तीन से चार दिन में एक टेस्टिंग रिपोर्ट मिल रही है। अगले हफ्ते से निजी लैब शुरू होने पर इस स्थिति में सुधार होगा। टेस्टिंग रिपोर्ट भी तेजी से मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि टेस्टिंग को बढ़ाकर राज्य में कोरोना संक्रमण जोन के निर्धारण के लिए भी जरूरी है। 

होटल का होगा इस्तेमाल 

मंत्रिमंडल में क्वारंटाइन केंद्रों की स्थिति को लेकर चर्चा की गई। स्कूलों में बनाए गए क्वारंटाइन केंद्रों में शौचालय कम होने की वजह से वहां ठहराए गए लोगों में संक्रमण फैलने के खतरे पर विचार किया गया। यह तय किया गया कि क्वारंटाइन केंद्र होटल में बनाए जाएंगे। ऐसे होटल जिनमें सिंगल रूम अटैच्ड बाथरूम हो, उन्हें सबसे पहले इस्तेमाल में लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में डबलिंग रेट 4.55 दिन हो गया है। इसे बढ़ाने के लिए जरूरी उपायों पर चर्चा की गई। 

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प्राचार्य भी कर सकेंगे खरीद 

मंत्रिमंडल ने कोविड-19 महामारी के चलते स्वास्थ्य महकमे में उपलब्ध रिक्त पदों को आउटसोर्स से भरने के लिए जिलाधिकारियों को तीन माह के लिए दिए गए अधिकार को बढ़ाकर अब 28 फरवरी, 2021 तक बढ़ाया गया है। इसीतरह कोविड-19 की रोकथाम को विशिष्ट उपकरण व संयंत्र खरीदने के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा निदेशक को दिए गए तीन करोड़ तक अधिकार को अब राजकीय मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यो को भी देने पर मंत्रिमंडल ने सहमति दी है।

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