यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 06, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शहरों में शामिल नए क्षेत्रों में व्यावसायिक भवनों से भवन कर वसूलने पर रोक
शहरी विकास एवं आवास मंत्री भगत ने सोमवार को इस संबंध में समीक्षा की। भगत के अनुसार उन्होंने सचिव को ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, देहरादून। प्रदेश सरकार ने नगर निकायों में शामिल किए गए नए क्षेत्रों के निवासियों को बड़ी राहत दे दी है। शहरी विकास एवं आवास मंत्री बंशीधर भगत ने वहां व्यावसायिक भवनों से भी भवन कर वसूलने पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। इससे नगर निकायों में शामिल करीब 346 गांवों के निवासियों को लाभ मिलेगा।सरकार ने पूर्व में नगर निकायों के सीमा विस्तार में बड़ी संख्या में गांवों को पूर्ण और आंशिक रूप से शहरी क्षेत्रों का हिस्सा बनाया था। साथ ही सरकार ने इन क्षेत्रों के निवासियों को 10 साल तक आवासीय भवनों को भवन कर से छूट देने की घोषणा की थी। इस बारे में अधिसूचना जारी होने के बाद तमाम नगर निकायों ने नए क्षेत्रों में व्यावसायिक भवनों से भवन कर की वसूली को नोटिस भेजना शुरू कर दिया। इसे लेकर निकायों में विरोध के सुर तेज हो रहे थे। साथ ही मांग की जा रही थी कि व्यवसायिक भवनों को भी छूट के दायरे में लाया जाए।
कुछ भाजपा विधायकों के साथ ही महापौर की तरफ से भी इस संबंध में सरकार से आग्रह किया गया था। इस बीच देहरादून के महापौर सुनील उनियाल गामा ने शहरी विकास एवं आवास मंत्री बंशीधर भगत से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपकर नगर निगम में शामिल किए गए 72 गांवों में व्यावसायिक भवनों को भी भवन कर में छूट देने के लिए अधिकारियों को निर्देशित करने का आग्रह किया।
