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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड में 31 मार्च के बाद बीएस-फोर वाहन पंजीकरण नहीं होंगे, पढ़िए पूरी खबर

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Published: Sun, 08 Mar 2020 07:24 PM (IST)Updated: Mon, 09 Mar 2020 08:45 PM (IST)

उत्तराखंड में बीएस-फोर श्रेणी के वाहन 31 मार्च के बाद पंजीकृत नहीं होंगे। जिनके पास भी ऐसे वाहन हैं उन्हें ...और पढ़ें

उत्तराखंड में 31 मार्च के बाद बीएस-फोर वाहन पंजीकरण नहीं होंगे, पढ़िए पूरी खबर
उत्तराखंड में 31 मार्च के बाद बीएस-फोर वाहन पंजीकरण नहीं होंगे, पढ़िए पूरी खबर

देहरादून, राज्य ब्यूरो। प्रदेश में बीएस-फोर श्रेणी के वाहन 31 मार्च के बाद पंजीकृत नहीं होंगे, जिनके पास भी ऐसे वाहन हैं, उन्हें इनके पंजीकरण को 25 मार्च तक परिवहन विभाग में आवेदन करना होगा। परिवहन आयुक्त कार्यालय ने सभी सहायक संभागीय अधिकारी और पंजीयन अधिकारियों को इस संबंध में डीलर्स के साथ बैठक कर इसकी जानकारी देने को कहा है। साथ ही, ये भी निर्देश दिए हैं कि आवश्यकता होने पर अवकाश के दिन भी कार्यालय खोलकर इनके पंजीकरण का कार्य किया जाए। 

सुप्रीम कोर्ट ने कुछ समय पहले ये निर्देश दिए हैं कि पूरे देश में एक अप्रैल के बाद बीएस-फोर श्रेणी के वाहनों की बिक्री और पंजीकरण नहीं किया जाएगा। इस क्रम में परिवहन आयुक्त कार्यालय ने सभी संभागीय परिवहन अधिकारी व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालयों को पत्र भेजकर यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उप परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन करने के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बीएस-फोर श्रेणी के सभी वाहनों का पंजीकरण 31 मार्च तक कर लिया जाए। अभी वाहनों की बिक्री के बाद इसके पंजीकरण में चार से पांच दिन का समय लग जाता है। ऐसे में जरूरी है कि ऐसे वाहनों की बिक्री और इनके पंजीकरण का काम निर्धारित तिथि से कुछ समय पहले ही पूरा कर लिया जाए।

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ऐसे में प्रदेश के सभी कार्यालयों में वाहनों के पंजीकरण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 25 मार्च रखी गई है। इसके पश्चात वाहनों के पंजीकरण के लिए कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। बीएस-फोर श्रेणी के वाहनों के पंजीकरण को आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी मोटरवाहन डीलरों की होगी। इन्हें 31 मार्च तक पंजीकृत करने की जिम्मेदारी सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और पंजीयन अधिकारी की होगी।

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