Dehradun Lockdown: दून के नगर निगम क्षेत्र में खुलीं किताबों की दुकानें
शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद किताबें उपलब्ध न होने से परेशान अभिभावकों व छात्रों के लिए अच्छी खबर है। अब किताबों की दुकानों को गुरुवार से खोल दिया गया है।
देहरादून, जेएनएन। विभिन्न शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद भी किताबें उपलब्ध न होने से परेशान अभिभावकों व छात्रों के लिए अच्छी खबर है। अब किताबों की दुकानों को गुरुवार से खोल दिया गया है। इसके साथ ही बिजली के पंखों की दुकानें भी खोली गई हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने इसको लेकर आदेश जारी कर दिए थे।
जिलाधिकारी के 22 अप्रैल के आदेश में ही किताबों व बिजली के पंखों की दुकानों को खोलने के आदेश जारी कर दिए गए थे। हालांकि, शर्त यह थी कि दुकानें सिर्फ होम डिलीवरी करेंगी और किसी को भी प्रतिष्ठान से किताब व बिजली के पंखों की बिक्री की अनुमति नहीं होगी। दून शहर में भी किताबों की बिक्री से संबंधित 70 से अधिक प्रतिष्ठानों ने पास बनवा लिए थे।
हालांकि, पहले से होम डिलीवरी का मकैनिज्म न होने के चलते अधिकतर अभिभावकों को किताबें नहीं मिल पा रही थीं। विभिन्न स्कूल प्रशासन ने भी इस निर्णय को असुविधाजनक बताया था। यह भी मांग उठाई गई थी कि स्कूलों में किताबों की बिक्री की मंजूरी दी जाए।
कुछ ऐसी परेशानी पंखों की दुकानों को लेकर भी सामने आ रही थी। अधिकतर प्रतिष्ठानों के पास होम डिलीवरी की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा संबंधित प्रतिष्ठानों का कोई ऑनलाइन कैटलॉग भी न होने से ग्राहकों के समक्ष भी समस्या पेश आ रही थी।
अब जिला प्रशासन ने भी इस स्थिति को समझते हुए किताबों की दुकानों को सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक खोलने की अनुमति दे दी है। हालांकि, किताबों व पंखों की दुकानों को खोलने के लिए पहले संबंधित उपजिलाधिकारी या थानाध्यक्ष से अनुमति प्राप्त करनी होगी। इसके साथ ही डिस्पेंसरी रोड के साथ ही अन्य स्थानों पर किताबों की दुकानें खुल गई हैं। इस दौरान लोग सोशल डिस्टेंस बनाकर खरीददारी करते नजर आए। दूसरी तरफ सील व पृथक रूप से लॉकडाउन क्षेत्रों में भी मौजूदा आदेश लागू नहीं होगा। यहां पहले की तरह ही सभी दुकानें बंद रहेंगी।
परिसर में स्टाफ के रहने का इंतजाम करने वाले उद्योग खुलेंगे
दून के लिए यह भी राहत की बात है कि नगर निगम क्षेत्र में सभी तरह के उद्योग व उद्योग प्रतिष्ठान भी खोले जा सकेंगे। जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव के आदेश में इसकी अनुमति दे दी गई है। इसके दायरे में निजी व सरकारी दोनों तरह के प्रतिष्ठान शामिल होंगे।
हालांकि, यह अनुमति उन्हीं उद्योग इकाइयों या उद्योग प्रतिष्ठानों को दी जाएगी, जिनके परिसर में ही स्टाफ व श्रमिक रह रहे हों। बाहर से आने वाले स्टाफ व श्रमिकों के मामले में किसी भी प्रतिष्ठान को खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे प्रतिष्ठानों को जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक से अनुमति लेनी होगी।
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