Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    अशोक कुमार का डीजीपी पद पर दावा सबसे मजबूत, लेंगे पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी का स्थान

    By Sunil NegiEdited By:
    Updated: Thu, 12 Nov 2020 02:15 PM (IST)

    प्रदेश के अगले पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के पद पर महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अशोक कुमार का दावा सबसे मजबूत है। अगर कोई बहुत बड़ा उलटफेर न हुआ तो उनकी इस पद पर ताजपोशी तय मानी जा रही है। वह मौजूदा पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी का स्थान लेंगे।

    प्रदेश के अगले पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के पद पर महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अशोक कुमार का दावा सबसे मजबूत है।

    देहरादून, राज्य ब्यूरो। प्रदेश के अगले पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के पद पर महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अशोक कुमार का दावा सबसे मजबूत है। अगर कोई बहुत बड़ा उलटफेर न हुआ तो उनकी इस पद पर ताजपोशी तय मानी जा रही है। वह मौजूदा पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी का स्थान लेंगे।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    उत्तराखंड पुलिस में महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी का कार्यकाल इसी माह, यानी 30 नवंबर को समाप्त हो रहा है। उनके बाद वरिष्ठता में नाम अशोक कुमार का ही आता है। अशोक कुमार 1989 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। वैसे अभी उत्तराखंड कैडर के कार्यरत पुलिस अधिकारियों में सबसे वरिष्ठ एमए गणपति हैं। वह 1986 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। वह अप्रैल 2016 में उत्तराखंड के डीजीपी रह चुके हैं। तकरीबन एक साल एक माह तक डीजीपी पद पर रहने के बाद वह केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर चले गए। अभी वह केंद्रीय नागरिक उड्डयन विभाग में सुरक्षा विंग के महानिदेशक पद पर कार्यरत हैं। इसकी बहुत ही कम संभावना है कि वह अब वापस प्रदेश में आएं। उनके बाद वरिष्ठता में 1987 बैच के आइपीएस अनिल कुमार रतूड़ी का नाम है। वह इसी माह सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

    उन्हें कार्यकाल को बढ़ाने के लिए फिलहाल कोई पत्रावली नहीं चल रही है और इसकी संभावना भी काफी कम है। वरिष्ठता क्रम में इसके बाद अशोक कुमार हैं। वह इस समय पुलिस में महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) जैसा अहम पद देख रहे हैं। अनिल कुमार रतूड़ी के बाद प्रदेश में सबसे वरिष्ठ आइपीएस होने के कारण स्वाभाविक रूप से उनका दावा सबसे पहले और सबसे मजबूत माना जा रहा है। उनके बाद अपर पुलिस महानिदेशक वी विनय कुमार का नाम है। वह 1990 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। हाल ही में वह केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जा चुके हैं। उनके बाद के अधिकारी 1995 बैच के हैं। यह सारी परिस्थितियां अशोक कुमार के पक्ष में जा रही हैं। उनकी छवि भी अच्छी है और सरकार में उनकी पैठ भी है।