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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिफरीं आशा कार्यकर्त्ताएं बोलीं, प्रोत्साहन राशि का झुनझुना नहीं चलेगा; आंदोलन होगा तेज

By Raksha PanthriEdited By:
Published: Mon, 16 Aug 2021 01:52 PM (IST)Updated: Mon, 16 Aug 2021 09:21 PM (IST)

मानदेय तय होने से बिफरीं आशा कार्यकर्त्ताओं ने आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि ...और पढ़ें

बिफरीं आशा कार्यकर्त्ताएं बोलीं, प्रोत्साहन राशि का झुनझुना नहीं चलेगा; आंदोलन होगा तेज।
बिफरीं आशा कार्यकर्त्ताएं बोलीं, प्रोत्साहन राशि का झुनझुना नहीं चलेगा; आंदोलन होगा तेज।

जागरण संवाददाता, देहरादून। सीटू से संबद्ध आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन ने अब आंदोलन तेज करने का एलान किया है। आशाएं पिछले 15 दिन से कार्य बहिष्कार पर हैं। उनका कहना है कि राज्य सरकार का प्रोत्साहन राशि का झुनझुना नहीं चलेगा। सरकार को मासिक मानदेय देना होगा। जल्द मासिक मानदेय का शासनादेश जारी नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष शिवा दुबे ने बताया कि दो अगस्त से आशाएं कार्य बहिष्कार पर हैं। वह मासिक मानदेय, पेंशन और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने समेत बारह सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन पर हैं। पर सरकार नहीं चेत रही है। राज्य सरकार आशाओं को मिलने वाले मासिक प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की बात कर रही है।

इसके बजाय मासिक मानदेय तय किया जाए, क्योंकि प्रोत्साहन राशि सरकार कभी भी बंद कर सकती है। इसलिए मासिक मानदेय से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। उनका ये भी कहना है कि सरकार आशाओं को लंबे समय से छल रही है, लेकिन अब आशाएं अपना शोषण बर्दाश्त नहीं करेंगी। आगे भी संघर्ष को मुकाम तक पहुंचाने के लिए आशाएं एकता और दृढ़ता के साथ डटी रहेंगी।

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