यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Corona Fighters: उत्तराखंड फूड प्रोसेसिंग संगठन के संरक्षक बोले- सकारात्मक रहें, जीत आपकी ही होगी..
Corona Fighters उत्तराखंड फूड प्रोसेसिंग संगठन के संरक्षक अनिल मारवाह ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक है। ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। Corona Fighters: उत्तराखंड फूड प्रोसेसिंग संगठन के संरक्षक अनिल मारवाह ने बताया कि उत्तराखंड फूड प्रोसेसिंग संगठन का संरक्षक व खुद की औद्योगिक इकाई होने के कारण कोरोनाकाल में भी बैठकों में और कर्मचारियों के बीच जाना पड़ा। इस बीच ही मैं कोरोना की चपेट में आया। जांच में इसकी पुष्टि होते ही अस्पताल में भर्ती हो गया। चिकित्सकों ने जो दवाइयां दीं, उनका नियमित रूप से सेवन किया। प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए नियमित व्यायाम किया।
इस दौरान सबसे प्रमुख कार्य जो किया, वह था खुद को सकारात्मक रखना। इस सबकी बदौलत कुछ ही दिनों में मैंने कोरोना से जंग जीत ली। कोरोना की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर मुझे घर भेज दिया गया। हालांकि, घर जाकर भी मैंने एहतियात बरतना जारी रखा। दो सप्ताह तक परिवार से अलग घर के एक कमरे में आइसोलेट रहा। घर वाले कमरे की खिड़की से मुझ तक भोजन, दवा व अन्य जरूरी सामान पहुंचा देते थे। इस दौरान भी चिकित्सकों की नियमित सलाह और अच्छी डाइट ली। खुद को सकारात्मक रखना और नियमित व्यायाम करना नहीं छोड़ा। किसी भी बीमारी से लड़ने के लिए खुद को सकारात्मक रखना सबसे ज्यादा जरूरी है।
अस्पताल में भर्ती रहने और आइसोलेशन के दौरान मैंने परिवार व दोस्तों से दूरी जरूर बना ली थी, मगर मोबाइन फोन पर सभी से नियमित रूप से बातचीत करता रहा। चिकित्सक कोरोना संक्रमण के दौरान संतुलित भोजन और पर्याप्त नींद की सलाह देते हैं। इस सलाह का पालन कर कोरोना संक्रमण से जल्द बाहर आया जा सकता है। कर्मचारियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए करीब एक महीने बाद मैं अपनी कंपनी में गया। अब अपनी और परिवार की सेहत के प्रति मैं पहले से ज्यादा संवेदनशील हो गया हूं। कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक है। इस समय नियमित व्यायाम करने और पौष्टिक आहार लेने के साथ भीड़ युक्त स्थानों से परहेज रखना आवश्यक है। इसलिए घर से जरूरी होने पर ही निकलें।
