राज्य ब्यूरो, देहरादून। राज्य खाद्य योजना के सस्ते खाद्यान्न की तर्ज पर पहली बार उत्तराखंड में राशनकार्डधारकों को सस्ती चीनी देने का रास्ता साफ हो गया है। खास बात ये है कि इस योजना का लाभ राज्य योजना के साथ ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना समेत सभी 23.80 लाख राशनकार्डधारकों को मिलेगा। प्रदेश में कोरोना महामारी की मार से बेहाल जनता को सस्ती चीनी देने के लिए सरकार ने अभिनव पहल की है। 

दरअसल, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े 13 लाख से ज्यादा राशनकार्डधारकों को केंद्र सरकार की ओर से सस्ता खाद्यान्न मुहैया कराया जा रहा है। इनमें से भी सिर्फ अंत्योदय अन्न योजना के अंतर्गत ही करीब डेढ़ लाख राशनकार्डधारकों को केंद्र के माध्यम से प्रति कार्ड एक किलो चीनी मिल रही है। इस चीनी की कीमत 13.50 रुपये प्रति किलो है। अब सरकार ने राज्य के सभी राशनकार्डधारकों, यानी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के करीब 13.80 लाख और राज्य खाद्य योजना के करीब 10 लाख राशनकार्डधारकों को सस्ती चीनी मुहैया कराने का फैसला किया है। 

कोरोना संकटकाल को देखते हुए प्रदेश की तीरथ सिंह रावत सरकार ने इन दोनों योजनाओं के राशनकार्डधारकों को राहत दी है। उन्हें 25 रुपये प्रति किलो की दर से दो किलो चीनी तीन महीनों तक मिलेगी। एक किलो चीनी पर उन्हें बाजार भाव से तकरीबन 15 रुपये कम कीमत पर यह चीनी दी जाएगी। इससे उन्हें दो किलो चीनी पर करीब 30 रुपये तक बचत होगी। ये चीनी राज्य की सहकारी चीनी मिलों से खरीदी जाएगी। इससे पहले सरकार ने राज्य खाद्य योजना के राशनकार्डधारकों को राहत देते हुए प्रति माह 7.50 किलो खाद्यान्न की मात्रा बढ़ाकर 20 किलो की है। यह व्यवस्था तीन महीने यानी जुलाई तक लागू की गई है। कोरोना संकट को देखते हुए इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। 

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बताया कि कोरोना वायरस महामारी के दौर में प्रदेश में सभी राशनकार्डधारकों को सस्ती चीनी मुहैया कराने की पहल सरकार ने की है। इससे 23 लाख से ज्यादा राशनकार्डधारकों को लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार की चिंता के केंद्र में आम जन है। उनको राहत देने के प्रयास जारी रहेंगे। 

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Edited By: Raksha Panthri