ऋषिकेश, हरीश तिवारी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश ने संस्थान के भीतर होने वाले तमाम स्वास्थ्य और जनहित संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए ऑनलाइन रेडियो सेवा शुरू की है। रेडियो स्टेशन बन जाने के बाद से एफएम सेवा से जोड़ दिया जाएगा। 25 अप्रैल को होने वाले एम्स के वार्षिकोत्सव पायरेक्सिया लॉकडाउन के कारण नहीं हो पाया। इस रेडियो सेवा के जरिए इस दिन को एम्स निदेशक ने यादगार बनाया है।

एम्स ऋषिकेश ने एम्स के चिकित्सक और अन्य स्टाफ के अतिरिक्त आसपास के समाज को शनिवार को ऑनलाइन कैंपस रेडियो सेवा से जोड़ दिया है। एम्स ऋषिकेश में प्रतिवर्ष 25 अप्रैल को वार्षिकोत्सव पायरेक्सिया मनाया जाता है। कोरोना वायरस वायरस संक्रमण के कारण लॉक डाउन को देखते हुए शनिवार को यहां यह आयोजन नहीं हो पाया। इस दिन को यादगार बनाने के लिए रेडियो सेवा शुरू की गई है।

एम्स के निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि एम्स और आसपास पांच से दस किलो मीटर तक इस रेडियो की रेंज है। इसे स्थापित करने के पीछे मुख्य उद्देश्य एम्स परिवार के साथ आसपास के समाज को जोड़ना है। शनिवार को ऑनलाइन रेडियो सेवा हमने शुरू की है। इसमें केवल एम्स के भीतर महत्वपूर्ण जानकारियां, बेहतर स्वास्थ्य और जनहित से संबंधी जो भी कार्य होंगे लोगों तक शेयर किए जाएंगे। निदेशक ने बताया कि एम्स परिसर के भीतर रेडियो स्टेशन बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। 

इसमें एफएम चलाने के लिए अनुमति मांगी गई है। अभी इसमें शनिवार और रविवार को रात्रि सात से नौ बजे तक सेवा दी जा रही है। एफएम शुरू हो जाने के बाद यह सेवा 24 घंटा उपलब्ध होगी। दूसरे चरण में इसमें प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम शुरू कर दिया जाएगा। इसकी एग्जीक्यूटिव बॉडी में डॉ मधुर उनियाल,डॉ अभिषेक अग्रवाल, डॉ नेगी और भूपेंद्र देओल को शामिल किया गया है।

पहले दिन गायिका रितु अवस्थी ने गीत गाया 

एम्स के ऑनलाइन रेडियो सेवा शुरू होने पर कौन बनेगा करोड़पति के निर्माता सिद्धार्थ वासु ने रेडियो सेवा शुरू होने पर शुभकामनाएं दी। निदेशक के स्टाफ अधिकारी डॉ मधुर उनियाल ने बताया कि इसी क्रम में प्रख्यात गायिका रितु अवस्थी ने हेल्थ वर्कर का हौसला बढ़ाने के लिए ऐ मालिक तेरे बंदे हम गीत गाया।

एम्स नहीं समाज का रेडियो

एम्स के निदेशक प्रोफेसर रविकांत का कहना है कि यह एम्स का नहीं बल्कि समाज का रेडियो है। यह रचनात्मकता की अभिव्यक्ति का साधन बनेगा। उन्होंने कहा कि एम्स के आसपास रहने वाली आबादी में स्थानीय संस्कृति विकसित करने का यह माध्यम होगा। इसके अतिरिक्त चिकित्सक और स्टाफ जो तनावपूर्ण माहौल में रहते हैं, वह इसके जरिए समाज से जुड़ेंगे और तनाव मुक्त होंगे।

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Posted By: Raksha Panthari

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