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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रोडवेज में अब देरी से आने और समय से पहले दफ्तर छोड़ना पड़ेगा भारी, होगी ये कार्रवाई

By Raksha PanthriEdited By:
Published: Sun, 31 Jan 2021 10:05 AM (IST)

अब समय से दफ्तर न आने और समय से पहले दफ्तर छोड़ने वालों पर कार्रवाई के आदेश दे दिए गए ...और पढ़ें

रोडवेज में अब देरी से आने और समय से पहले दफ्तर छोड़ना पड़ेगा भारी।
रोडवेज में अब देरी से आने और समय से पहले दफ्तर छोड़ना पड़ेगा भारी।

जागरण संवाददाता, देहरादून। रोडवेज में अब समय से दफ्तर न आने और समय से पहले दफ्तर छोड़ने वालों पर कार्रवाई के आदेश दे दिए गए हैं। महाप्रबंधक प्रशासन हर गिरी ने आदेश दिए हैं कि जो अधिकारी या कर्मचारी समय का अनुपालन नहीं कर रहे, उनका तत्काल दूसरे मंडल में तबादला कर दिया जाए। तैनाती स्थल से दूर से आने वालों को खास तौर पर चेतावनी दी गई है। 

रोडवेज में बड़ी संख्या में ऐसे अधिकारी और कर्मचारी हैं, जो अपने तैनाती स्थल से दूर रहते हैं। महाप्रबंधक प्रशासन ने बताया कि ऐसे अधिकारी व कर्मचारी न तो दफ्तर समय पर आते हैं, न पूरे समय तक दफ्तर में रहते हैं। ये रोजाना निगम की बसों में ही अप-डाउन करते हैं। बस सेवा के अनुसार सुबह घर से चलते हैं और शाम को दफ्तर भी जल्दी छोड़ देते हैं। महाप्रबंधक ने कहा कि यह अनुशासनहीनता और विधिक दृष्टि से गलत तो है, बल्कि अधिकारी-कर्मचारी आचरण नियमावली के विरुद्ध भी है। 

अगर बड़े अधिकारी या प्रशासनिक कार्यालयों के कर्मचारी ही समय का पालन नहीं करेंगे तो इससे निचले कर्मचारियों पर भी बुरा असर पड़ता है। बस संचालन भी इससे प्रभावित हो रहा है। महाप्रबंधक ने तीनों मंडलों और सभी डिपो के लिए जारी किए गए आदेश में चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में कोई कोई अधिकारी या कर्मचारी समय से ड्यूटी पर मौजूद नहीं होता तो उसका दूसरे मंडल में तबादला कर दिया जाए। इसके साथ ही बिना अनुमति कोई भी अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ पाएगा। 

चमत्कार नहीं होगा, खुद सुधारनी होगी आर्थिक स्थिति 

रोडवेज के उप महाप्रबंधक संचालन आरपी भारती ने शनिवार को तीनों मंडलों व सभी डिपो के लिए एक भावुक पत्र जारी कर रोडवेज की आर्थिक स्थिति सुधारने को प्रयास करने की अपील की है। रोडवेज के कर्मचारी संगठनों से खास अपील की गई है कि आपसी गुटबाजी व हड़ताल-प्रदर्शन आदि को छोड़कर निगम हित में कार्य करते हुए बसों का संचालन सुधारा जाए। चालक व परिचालकों से यात्रियों के साथ व्यवहार सुधारने और बसों में लोड फैक्टर बढ़ाने की कोशिश करने की अपील की गई। 

यह तक कहा कि निगम संकट के दौर से गुजर रहा है और किसी चमत्कार की उम्मीद न करें। जो करना है खुद करना है और यदि सुधार करेंगे, तभी निगम का पहिया चल पाएगा। चालकों से निर्धारित गति पर वाहन चलाने, दुर्घटना न करने और डीजल की बचत करने की अपील की गई। प्रवर्तन टीमों को मार्गों पर चेकिंग कार्य में तेजी लाने को कहा गया है। 

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