यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मसूरी में विधायक का पुतला दहन को लेकर आप कार्यकर्त्ताओं व पुलिस में नोकझोंक
शिफनकोट से हटाए गए मजदूरों को आवास दिए जाने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक व ...और पढ़ें

मसूरी, जेएनएन। शिफनकोट से हटाए गए मजदूरों को आवास दिए जाने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक व पालिकाध्यक्ष के पुतला दहन कार्यक्रम को पुलिस ने सफल नहीं होने दिया। दरअसल, पुलिस ने आप कार्यकर्त्ताओं से पुतले छीनकर अपने कब्जे में ले लिए। जिससे आप कार्यकर्त्ताओं व पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। आप कार्यकर्त्ताओं ने प्रशासन, पालिकाध्यक्ष व मसूरी विधायक के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए जमकर नारेबाजी की।
शनिवार को आम आदमी पार्टी कार्यकर्त्ता लाइब्रेरी बस स्टैंड पर एकत्रित होकर प्रशासन, पालिकाध्यक्ष व मसूरी विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गांधी चौक पहुंचे। जहां से पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे नहीं बढ़ने दिया। गांधी चौक पर पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच खूब बहस हुई। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने पालिकाध्यक्ष व मसूरी विधायक के पुतले जलाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने पुतलों को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस की सख्ती के कारण आप कार्यकर्त्ताओं को अपना प्रदर्शन गांधी चौक में ही समाप्त करना पड़ा। इस मौके पर आप के मसूरी विधानसभा प्रभारी नवीन परसाली ने कहा कि अगला प्रदर्शन जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष किया जाएगा। उधर, एसएसआइ मनोहर सिंह रावत ने बताया कि आम आदमी पार्टी की ओर से प्रदर्शन व पुतला दहन के लिए अनुमति नहीं ली गई है।
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प्रदर्शन में शामिल आप कार्यकर्त्ताओं के खिलाफ कोविड महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आप के मसूरी विधानसभा प्रभारी नवीन परसाली ने कहा कि प्रदर्शन व पुतला दहन के लिए जिलाधिकारी देहरादून को मेल द्वारा व एसडीएम मसूरी व कोतवाल को लिखित में सूचना दी गई थी। जिसकी प्राप्ति रसीद हमारे पास उपलब्ध है। इस दौरान सुनील पंवार, वंदना भंडारी, दिपेंद्र भंडारी, कीर्ति भंडारी, तहमीना खान, हरपाल खत्री, सुमित दयाल आदि मौजूद रहे।
