अग्निवीर बनने का सपना लेकर घर से निकला युवक, रास्ते में हुई अनहोनी और पहुंच गया अस्पताल
टनकपुर का विक्रम नाम का एक युवक अग्निवीर परीक्षा देने हल्द्वानी जा रहा था तभी रोडवेज बस ने उसे टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल विक्रम का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है लेकिन छह दिन बाद भी उसे होश नहीं आया है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज में परेशानी हो रही है और उन्होंने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

संवाद सहयोगी, जागरण चंपावत। अग्निवरी बनने का सपना लेकर परीक्षा देने हल्द्वानी गए टनकपुर के एक युवक को रोडवेज बस बस की चपेट में आने से अस्पताल में जीवन और मौत से संघर्ष करना पड़ रहा है। हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में उसके सिर का आपरेशन किया गया है।
युवक को छह दिन बाद भी होश नहीं आ पाया है। मूल रूप से पिथौरागढ़ जनपद के धारचूला के डिप्टी गांव निवासी युवक विक्रम 19 पुत्र संतोष मेहरा लंबे समय से टनकपुर में रहकर पढ़ाई कर रहा है। 30 जून को वह अग्निवीर की लिखित परीक्षा देने के लिए हल्द्वानी गया। उसी दिन शाम को 7:30 बजे बस स्टेशन हल्द्वानी में रोडवेज की बस की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया।
विक्रम के जीजा संजय सिंह ने बताया कि 30 जून की शाम को विक्रम को रोडवेज बस संख्या- यूके07, पीए- 2950 के चालक ने लापरवाही से बस को तेजी से पीछे कर दिया, जिसके कारण विक्रम के सिर में बस के पिछले हिस्से से गंभीर चोट आ गई।
विक्रम के स्वजन का आरोप है कि घटना की जानकारी उसी दिन रोडवेज हल्द्वानी के अधिकारियों को दी गई, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। घायल विक्रम को पहले सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज ले जाया गया। बाद में उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डाक्टरों ने विक्रम के सिर का आपरेशन किया। आपरेशन के छह दिन बाद भी उसे होश नहीं आया है।
विक्रम के जीजा के अनुसार डाक्टरों का कहना है कि होश में आने में लंबा समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि विक्रम की पारिवारिक आर्थिक हालत काफी कमजोर है। आपरेशन और आइसीयू में इलाज रिश्तेदारों से उधार लेकर किया जा रहा है उन्होंने रोडवेज प्रशासन एवं सरकार से घायल के उपचार के लिए आर्थिक मदद देने की मांग की है।
घायल के जीजा ने बताया कि कोतवाली हल्द्वानी में एक जुलाई को रोडवेज बस चालक के विरूद्ध तहरीर दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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