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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Champawat News: आतंकी गुलदार अचानक हुआ गायब, ट्रेंकुलाइज करने पहुंची टीम के हाथ हैं खाली

By Jagran NewsEdited By: Swati Singh
Published: Sun, 15 Oct 2023 04:14 PM (IST)

Champawat News चंपावत में गुलदार का आतंक लगातार कायम है। एक माह के अंदर गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने की अनुमति ...और पढ़ें

आतंकी गुलदार अचानक हुआ गायब
आतंकी गुलदार अचानक हुआ गायब

HighLights

  1. टनकपुर-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुलदार का आतंक
  2. वाहन सवारों पर हमला कर रहा गुलदार
  3. 20 दिन बाद भी ट्रेंकुलाइज नहीं किया जा सका गुलदार

संवाद सहयोगी, चंपावत। टनकपुर-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन सवारों पर हमलावर गुलदार को 20 दिन बाद भी ट्रेंकुलाइज नहीं किया जा सका है। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक द्वारा गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने की अनुमति देने के बाद 26 सितंबर को टीम ने मोर्चा संभाल लिया था। 28 सितंबर को गुलदार को डोज भी दे दी गई थी, लेकिन गुलदार जंगल में भाग गया था। तब से गुलदार की लोकेशन वन विभाग को नहीं मिल रही है।

इस बीच में कई बार वाहन चालकों को गुलदार जरूर दिखाई दिया। एसडीओ नेहा चौधरी ने बताया कि इंसानों पर लगातार हमला कर रहे गुलदार को ट्रेंकुलाइज कर पकडऩे के लिए मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक से अनुमति मिलने के बाद टीम लगातार गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने का प्रयास कर रही है। लेकिन गुलदार की लोकेशन अचानक बंद हो गई है।

अचानक ओझल हुआ गुलदार

बताया कि एक माह के अंदर गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने की अनुमति है। अवधि बीतने के बाद गुलदार की सक्रियता को देखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया कि टीम लगातार मोर्चा संभाले हुए है। मालूम हो कि अगस्त से सितंबर माह तक गुलदार 13 दोपहिया वाहन चालकों पर झपट्टा मार चुका था, लेकिन इन हमलों में किसी की जान नहीं गई। जब से ट्रेंकुलाइज टीम ने मोर्चा संभाला है तब से गुलदार ओझल हो गया है।

गुलदार को पकड़ने में लगी विभाग की टीम

28 से 30 सितंबर तक वाहन चालकों को गुलदार दिखाई दिया था, लेकिन अब उन्हें भी गुलदार नहीं दिख रहा है। बूम रेंज के रेंजर गुलजार हुसैन ने बताया कि गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने क्षेत्र में तीन पिंजरे और आठ कैमरा ट्रैप भी लगाए हैं, लेकिन गुलदार पिंजरे में कैद नहीं हो पा रहा है। विभाग लगातार पिंजरों की लोकेशन भी बदल रहा है, लेकिन गुलदार अचानक नदारद हो गया है।

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ट्रेंकुलाइज करने की कोशिश जारी

टनकपुर-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग पर सूखीढांग से लेकर आठवें मील तक गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। यह भी प्रयास किया जा रहा है कि गुलदार को पिंजरे में कैद कर लिया जाए। अभी तक उसे पकड़ने या कैद करने में सफलता नहीं मिली है। -गुलजार हुसैन, रेंजर बूम रेंज