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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एसएसबी ने नेपाल जेल से फरार कैदी को चूका सीमा के पास दबोचा, महिला की हत्या के आरोप में मिली थी 20 साल की सजा

Published: Sat, 04 Oct 2025 04:51 PM (GMT+05:30)

नेपाल से भागे हुए एक कैदी को एसएसबी जवानों ने भारत में घुसने की कोशिश करते समय गिरफ्तार किया। महिला ...और पढ़ें

आठ साल से जेल में बंद था कैदी तेज बहादुर। जागरण
आठ साल से जेल में बंद था कैदी तेज बहादुर। जागरण

HighLights

  1. नेपाल पुलिस से बचने के लिए भारत में घुसने की फिराक में था कैदी
  2. महिला की हत्या के आरोप में मिली थी 20 साल की सजा,

संवाद सहयोगी, जागरण, टनकपुर / चंपावत । नेपाल से फरार कैदी को भारत में घुसने का प्रयास करते एसएसबी जवानों ने कलढुंगा के पास से गिरफ्तार कर लिया। कैदी को नेपाल की एपीएफ सुरक्षा बल के सुपुर्द कर दिया गया है। फरार कैदी एक महिला की हत्या की सजा काट रहा था। उसे 20 साल की सजा हुई थी और आठ साल से कारावास में बंद था।

शुक्रवार की शाम टनकपुर-जौलजीबी मार्ग के चूका के समीप परशुराम घाट के पास पांचवी वाहिनी चंपावत डी कंपनी के जवानों ने सीमा पर एक संदिग्ध नेपाली नागरिक को देखा। उसे पकड़कर पूछताछ की गई। पकड़े गए व्यक्ति ने बताया कि वह नेपाल में हिंसा के दौरान जेल से फरार हो गया था, और गांव में ही छुपकर रह रहा था।

नेपाल पुलिस उसकी तलाश में खोजबीन कर रही थी, जिसके डर से वह भारत में घुसने की फिराक में था। एसएसबी जवानों ने उसे पड़कर बनबसा से लगी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नेपाल पुलिस और एपीएफ के सुपुर्द कर दिया। वाहनी के कमांडेंट सुरेंद्र विक्रम तथा सहायक कमांडेंट प्रमोद कुमार मीणा ने बताया कि पंचम वाहिनी ने सीमा चौकी कलढुंगा क्षेत्र में स्पेशल आपरेशन नाका लगाया गया था।

कैदी काली नदी को ट्यूब के सहारे पार कर सीमा पर पहुंचा ही था कि स्पेशल आपरेशन टीम ने उसे दबोच लिया। पकड़ा गया कैदी तेज बहादुर बोगाती पुत्र सालीभान, निवासी अलिताल ग्रामपालिका, वार्ड नंबर-तीन, जिला डडेलधुरा नेपाल का रहने वाला है। एसएसबी की टीम में मुख्य आरक्षी मनोज कुमार, आरक्षी अनुज कुमार, आरक्षी नितिन सोनी सहित अन्य जवान शामिल रहे।