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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Budget session 2020: गैरसैंण विधानसभा सत्र में विपक्ष का हंगामा, तीखी नोकझोंक

By Sunil NegiEdited By:
Published: Sat, 07 Mar 2020 10:01 AM (IST)

विधानसभा में राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा दूसरे दिन पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामे के साथ खत्म हुई।

Uttarakhand Budget session 2020: गैरसैंण विधानसभा सत्र में विपक्ष का हंगामा, तीखी नोकझोंक
Uttarakhand Budget session 2020: गैरसैंण विधानसभा सत्र में विपक्ष का हंगामा, तीखी नोकझोंक

गैरसैंण, राज्य ब्यूरो। विधानसभा में राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा दूसरे दिन पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामे के साथ खत्म हुई। दो दिनी यह चर्चा पूरे समय गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने के इर्द-गिर्द सिमट गई। सरकार के इस मास्टर स्ट्रोक के जवाब में विपक्ष ने गैरसैंण में अवस्थापना सुविधाओं की कमी और बजट में गैरसैंण के लिए धनराशि का प्रविधान न होने का हवाला देकर सरकार को घेरा। चर्चा में सत्तापक्ष के 15 और विपक्ष के 11 समेत कुल 26 विधायकों ने भाग लिया। अभिभाषण पर विपक्ष का संशोधन प्रस्ताव गिर गया।

भोजनावकाश के बाद शुक्रवार को सदन में दो घंटे से ज्यादा राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा हुई। अभिभाषण पर संशोधन प्रस्ताव वापस लेने के संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक के अनुरोध को विपक्ष ने ठुकरा दिया। संसदीय कार्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल के संशोधन प्रस्ताव पर जवाब के दौरान उनसे बड़ा दिल दिखाकर गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने के सरकार के फैसले का समर्थन करने को कहा। जवाब में विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने भाजपा की ओर से उनके विधानसभा अध्यक्ष रहते हुए विधानसभा में की गईं 165 नियुक्तियों में गड़बड़ी का गलत आरोप लगाने की बात कही।

उन्होंने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट गया। कोर्ट ने भी नियुक्तियों को गलत नहीं ठहराया। भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि उक्त मुद्दे पर उन्हें निशाना बनाने की कोशिश की जाती है। जवाब में विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने सदन में कभी भी इस मामले में कुछ नहीं कहा। बतौर भाजपा प्रवक्ता उन्होंने यह मामला उठाया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अब भी मानते हैं कि नियुक्तियों में धांधली हुई थी। वह इसकी निंदा करते हैं। विधायक मुन्ना सिंह चौहान की टिप्पणी कांग्रेस विधायकों को नागवार गुजरी।

कांग्रेस विधायकों ने बैंच पर खड़े होकर मुन्ना चौहान की टिप्पणी का विरोध करते हुए हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। बाद में संसदीय कार्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। इससे पहले विपक्ष की ओर से उपनेता प्रतिपक्ष करन माहरा, विधायक हरीश धामी ने विचार रखे। माहरा ने कहा कि सरकार दूरस्थ क्षेत्रों की विकास में उपेक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि बजट में गैरसैंण की उपेक्षा की गई है। कोई भी वायदे पूरे नहीं किए गए हैं।

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विधायक आदेश चौहान ने कहा कि नए जिलों, तहसीलों के गठन को लेकर चुप्पी साधी जा रही है। विधायक हरीश धामी ने कहा कि गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाकर राज्य के साथ धोखा किया गया है। पक्ष की ओर से विधायक बिशन सिंह चुफाल, भरत चौधरी, विनोद कंडारी, चंदन रामदास, महेश नेगी ने चर्चा में हिस्सा लिया। उन्होंने सरकार के कार्यों को जन अपेक्षाओं के अनुरूप बताया। 

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