यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Joshimath Sinking: लगातार बढ़ रहा भूधंसाव का दायरा, दो और होटल झुके, हाईवे पर दरारें भी हुईं ज्यादा चौड़ी
Joshimath Sinking आपदाग्रस्त जोशीमठ में भूधंसाव का दायरा और प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है। जमीन धंसने से यहां दो और ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, जोशीमठः Joshimath Sinking: आपदाग्रस्त जोशीमठ में भूधंसाव का दायरा और प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है। जमीन धंसने से यहां दो और होटल झुक गए हैं। बदरीनाथ हाईवे पर कुछ दिन पहले भरी गई दरारें भूमि धंसने से चौड़ी होकर फिर उभर आई हैं।
औली रोपवे के टावरों के आसपास भी दरारें निरंतर बढ़ रही हैं। भवनों में भी नई दरारें आने और पुरानी दरारों की चौड़ाई में बढ़ोतरी का क्रम जारी है। इस सबसे आमजन के साथ शासन, प्रशासन और सरकार के माथे पर चिंता के बल भी बढ़ गए हैं। इस बीच राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं।
जिले के प्रभारी मंत्री डा. धन सिंह रावत और मंडलायुक्त सुशील कुमार जोशीमठ में डेरा डाले हुए हैं। भूधंसाव की वजह तलाश रहे विज्ञानियों के अलग-अलग दल भी अध्ययन में जुटे हैं। जोशीमठ में बदरीनाथ हाईवे से सटे क्षेत्रों में हालात ज्यादा चिंताजनक हैं।
दोनों होटल तेजी से एक-दूसरे की तरफ झुक रहे हैं
हाईवे पर स्थित दो और होटल स्नोकृष्ट व कामेट भूधंसाव के कारण झुक गए हैं। अगल-बगल बने चार-चार मंजिल के ये होटल विघटित किए जा रहे होटल माउंट व्यू व मलारी इन से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित हैं, जिनमें क्रमश: 17 और 30 कमरे हैं। जब ये होटल बनकर खड़े हुए, तब इनकी छत में करीब दो फीट का फासला था। अब भूधंसाव के कारण दोनों होटल तेजी से एक-दूसरे की तरफ झुक रहे हैं। यह सिलसिला नौ जनवरी को शुरू हुआ था।
पिछले 24 घंटे में झुकाव ज्यादा बढ़ा है, इससे इनकी छत एक-दूसरे को छूने लगी है। संचालकों ने होटलों को खाली कर दिया है।होटल कामेट लाज से करीब 200 मीटर की दूरी पर एक अन्य होटल शिवालिक में भी दरारें आई हैं। इस होटल के भूतल में स्टेट बैंक आफ इंडिया का कार्यालय भी है।
बैंक प्रबंधन ने प्रशासन को पत्र लिखकर होटल का सर्वे कर यह स्पष्ट करने को कहा है कि भवन सुरक्षित है या नहीं। जिससे वह समय रहते कार्यालय को शिफ्ट करने या बंद करने पर निर्णय ले सकें। यहां से कुछ दूरी पर जिस भवन से जोशीमठ-औली रोपवे का संचालन होता है, उसकी भूमि भी धंस रही है।
शनिवार को इस भूमि पर 20 फीट लंबी, दो फीट चौड़ी और पांच फीट चौड़ी दरार उभर आई। इस दरार से भवन पर भी खतरा मंडरा रहा है। इसी भवन में रोपवे का कामकाज संभालने वाली संस्था का कार्यालय भी हैं। रोपवे के टावर संख्या एक, दो और तीन के आसपास की भूमि पर भी दरारें निरंतर चौड़ी हो रही हैं।
हाईवे पर भी भूधंसाव लगातार गहरा रहा
बदरीनाथ हाईवे पर भी भूधंसाव लगातार गहरा रहा है। माउंट व्यू होटल के पास, छावनी बाजार, मारवाड़ी और जेपी कालोनी में इस हाईवे पर दरारों की संख्या के साथ चौड़ाई बढ़ी है। मारवाड़ी में बीआरओ ने जो दरारें कुछ दिन पहले भर दी थीं, वो भूमि धंसने से अब अधिक चौड़ी होकर उभर आई हैं। बीआरओ तेजी से दरारों की मरम्मत कर रहा है।
