संवाद सहयागी, गोपेश्वर (चमोली)। Chamoli Cloudburst चमोली के नारायणबगड़ में बादल फटने से नुकसान हुआ है। पास की पहाड़ी में हुए जबरदस्त भूस्खलन के बाद मलबा कुछ मकान और दुकानों में घुस गया। इसके अलावा मलबे से एक गोशाला और एक मकान ध्वस्त हो गया। इस दौरान कई लोगों ने भागकर जान बचाई। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर क्षति का जायजा लिया।

मंगलवार तड़के जिला मुख्यालय गोपेश्वर से 90 किलोमीटर दूर नारायणबगड़ कस्बे के पास स्थित एक पहाड़ी पर बादल फटने के बाद भारी मात्रा में मलबा आ गया। स्थानीय निवासी कमला देवी ने बताया कि तेज गड़गड़ाहट की आवाज से उनकी नींद खुली। बाहर निकल कर देखा तो पास की नदी में बाढ़ जैसा दृश्य नजर आया। उन्होंने स्वजन को तत्काल घर छोडऩे को कहा। कुछ ही देर में मलबा उनके घर में घुस गया।

इस बीच अन्य लोग भी बाहर निकल आए और जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थान की ओर भागे। सड़क पर खड़े कुछ वाहन भी मलबे में फंसे हुए हैं। घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे तहसीलदार हरीश चंद्र पांडे ने बताया कि एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एक दर्जन दुकानों और छह मकानों को नुकसान पहुंचा है। प्रभावितों को नारायणबगड़ के इंटर कालेज में ठहराया गया है।

चार दिनों के लिए आरेंज अलर्ट

उत्तराखंड के अधिकतर जिलों में मौसम सामान्य बना हुआ है। हालांकि सड़कों पर मलबा आने का सिलसिला जारी है। इस दौरान गंगोत्री और बदरीनाथ हाईवे भी बाधित होते रहे। मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश के लिए बुधवार से शनिवार तक के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया है।

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विभाग के अनुसार इस दौरान देहरादून और नैनीताल जिलों समेत कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। दूसरी ओर कुमाऊं के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला तहसील में बारिश और भूस्खलन से मुनस्यारी के तल्ला जोहार क्षेत्र में सड़क बंद हो गई है। इसके अलावा नैनीताल में ठंडी सड़क पर फिर भूस्खलन होने से पैदल आवाजाही बंद है।

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Edited By: Raksha Panthri