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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Vegetable Price Hike: उत्‍तराखंड में टमाटर 'लाल', हरी मिर्च हुई 'तीखी'; बिगड़ा रसोई का बजट

Published: Sun, 07 Jul 2024 02:30 PM (IST)

Vegetable Price Hike सब्जियों के दाम एकाएक बढ़ गए हैं। टमाटर का मूल्य में उछाल है। हरी मिर्च भी तीखी ...और पढ़ें

Vegetable Price Hike: सब्जियों के नाम बढ़ने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी
Vegetable Price Hike: सब्जियों के नाम बढ़ने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी

जासं बागेश्वर । Vegetable Price Hike: सब्जियों के दाम एकाएक बढ़ गए हैं। टमाटर का मूल्य में उछाल है। हरी मिर्च भी 'तीखी' हो गई है। स्थानीय किसानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं। जिससे उनके चेहरों पर रौनक है। लेकिन आम उपभोक्ता की जेब सब्जी में अधिक ढीली होने लगी है।

मानसून झूमकर बरस रहा है। घरों में विशेष पकवान भी बनने लगे हैं। लेकिन इस बीच सब्जियों की कमी बढ़ गई है। हरी मिर्च 260 रुपये प्रतिकिलो बिक रही है। शिमला मिर्च भी 40 से बढ़ कर 80 रुपये पहुंच गई है।

आलू 20 से 30 तथा पहाड़ी आलू 40 से 50 रुपये प्रतिकिलो पहुंच गया है। लौकी 60 से 80 रुपये प्रतिकिलो बिक रही है। ऐसे में कद्दू, भिंडी, करेला, बिन्स, तुरई के दाम भी 60 रुपये से लेकर 130 रुपये प्रतिकिलो पहुंच गए हैं।

टमाटर 100 रुपये प्रतिकिलो बिका

टमाटर लगातार रिकार्ड तोड़ रहा है। शनिवार को टमाटर 100 रुपये प्रतिकिलो बिका। स्थानीय किसानों ने भी टमाटर की खेती की है। किसान देव गोस्वामी, प्रमोद सिंह, एमपी जोशी, दीप पांडे आदि ने कहा कि टमाटर में उछाल आया है।

सभी किसानों को इसका लाभ मिल रहा है। वर्षा में बाहर से आने वाला टमाटर जल्दी खराब हो जाता है। लोकल जैविक टमाटर कई दिनों तक खराब नहीं होता है। पहले 40 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है।

इधर, जिला उद्यान अधिकारी आरके सिंह ने कहा कि लोकल सब्जियां बाजार में आने लगी हैं। किसानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं। सब्जी के थोक विक्रेता भूपेंद्र जोशी ने बताया कि पहले वर्षा नहीं हुई। जिससे उत्पादन कम हुआ। वर्षा के कारण माल वाहक भी कम आ रहे हैं। जिससे दामों में बढ़ोतरी हुई है।