Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Uttarakhand Nikay Chunav Result 2025: अल्मोड़ा के पांच निकायों में से तीन में कांग्रेस, दो में भाजपा हुई काबिज; पढ़िए कौन कहां से मारा बाजी

    Uttarakhand Nikay Chunav Result 2025 अल्मोड़ा जिले के पांच निकायों में से तीन पर कांग्रेस और दो पर भाजपा का कब्जा। नगर निगम अल्मोड़ा और चौखुटिया नगर पंचायत में भाजपा की जीत जबकि रानीखेत नगर पालिका द्वाराहाट और भिकियासैण में कांग्रेस ने मारी बाजी। नगर निगम में भाजपा को 55.52 प्रतिशत मत मिले। जहां कांग्रेस जीती है वहां भाजपा को गुटबाजी और एंटी इनकमबेंसी से सीटों को गंवाना पड़ा।

    By chandrashekhar diwedi Edited By: Vivek Shukla Updated: Sat, 25 Jan 2025 07:42 PM (IST)
    Hero Image
    अल्मोड़ा के चौखुटिया में विजय प्रत्याशी रेवती देवी के साथ भाजपा कार्यकर्ता जीत की मुद्रा में। जागरण

    जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा। जिले के पांच निकायों में तीन पर कांग्रेस तो दो सीटों पर भाजपा काबिज हुई है। पहली बार नगर निगम अल्मोड़ा में मेयर और चौखुटिया नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर हुए चुनावों में मतदाताओं ने कमल पर मुहर लगाकर बहुमत से चुनाव जिताया। जबकि नगर पालिका रानीखेत, नगर पंचायत द्वाराहाट व भिकियासैण में जनता ने भाजपा को हटाकर कांग्रेस पर मुहर लगाई। नगर निगम में भाजपा को 55.52 प्रतिशत मत मिले।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    जिले में पांच नगर निकाय नगर निगम अल्मोड़ा, नगरपालिका रानीखेत, नगर पंचायत द्वाराहाट, चौखुटिया व भिकियासैण है। अल्मोड़ा नगर निगम, चौखुटिया नगर पंचायत ओबीसी आरक्षित, द्वाराहाट नगर पंचायत एससी महिला आरक्षित और नगरपालिका चिलियानौला और भिकियासैण को अनारक्षित किया गया था। इस बार अल्मोड़ा नगरपालिका का उच्चीकरण कर नगर निगम बनाया गया।

    यहां पर भाजपा प्रत्याशी अजय वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी भैरव गोस्वामी के बीच सीधी टक्कर थी। भाजपा के लिए यह चुनाव जीतना अस्तित्व का सवाल बन गया था। भाजपा ने इस सीट पर 9136 मतों से एक तरफा जीत हासिल की। भाजपा प्रत्याशी को 55.52 व कांग्रेस को मात्र 39.88 फीसद मत मिले।

    अल्मोड़ा में नगर निगम का मेयर बनने पर अजय वर्मा के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने निकाला जुलूस। -जागरण


    इसे भी पढ़ें- Uttarakhand Nikay Chunav Result 2025: अल्‍मोड़ा में बीजेपी को बड़ा झटका, कांग्रेसी भतीजे ने चाची को हराया

    चौखुटिया नगर पंचायत इसी बार बनी। यहां पर भी भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर थी। यहां भाजपा प्रत्याशी रेवती देवी को 1534 व कांग्रेस प्रत्याशी पूजा गोस्वामी काे 641 मत मिले। भाजपा प्रत्याशी ने 893 मतों में से एकतरफा जीत हासिल की। यहां भाजपा को 62.48 प्रतिशत तो कांग्रेस को मात्र 26.10 मत मिले।

    तीन निकायों रानीखेत नगरपालिका, नगर पंचायत द्वाराहाट व भिकियासैण में बीजेपी प्रत्याशी बुरी तरह पराजित हुए। वर्ष 2018 में हुए चुनावों में इन तीनों सीटों पर भाजपा काबिज हुई थी। इस बार अनारक्षित रानीखेत नगरपालिका में कांग्रेस के वरुण रावत भारी मतों से जीते। उन्हें 695 मत मिले जो कुल मतदान का 49.22 फीसद था। दूसरे नंबर पर निर्दलीय रहे जिन्हे 28.25 फीसद मत मिले। यहां भाजपा तीसरे नंबर पर खिसक गई। भाजपा प्रत्याशी मदन सिंह कुवार्बी को 16.78 प्रतिशत मत मिले।

    भिकियासैण में तो भाजपा को अप्रत्याशित हार मिली। भाजपा की रानीखेत जिलाध्यक्ष अपनी सीट नहीं बचा पाई। कांग्रेस के गंगा बिष्ट को 40.90 फीसद तो भाजपा प्रत्याशी लीला बिष्ट को मात्र 17.29 प्रतिशत मत मिले। यहां कुल 10 प्रत्याशी चुनावी मैदान पर थे। द्वाराहाट सीट भी कांग्रेस बचाने में सफल रही। यहां कांग्रेस की सगीता आर्या को 56.30 प्रतिशत मत मिला जबकि भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी आर्या को मात्र 32.61 फीसद ही मत मिले।

    इसे भी पढ़ें- Uttarakhand Nikay Chunav Result 2025: चौखुटिया नगर पंचायत के पहले चुनाव में खिला कमल, खुशी से झूमे भाजपाई

    अल्मोड़ा में भाजपा प्रत्याशी अजय वर्मा की जीत का जश्न मनाते कार्यकर्ता साथ में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री अजय टम्टा। जागरण


    तीन निकायों में बीजेपी की हार का कारण बनी गुटबाजी व एंटी इनकंबेंसी

    नगरपालिका रानीखेत, नगर पंचायत द्वाराहाट व भिकियासैण सीट पर भाजपा का कब्जा था। लेकिन इस बार निकाय चुनावों में तीनों जगहों पर भाजपा को करारी हार सामना करना। भाजपा को गुटबाजी और एंटी इनकमबेंसी से इन सीटों को गंवाना पड़ा।

    चुनाव में जीत के बाद बढ़ेगा भाजपा नेताओं का कद

    नगर निगम चुनाव में जीत के बाद भाजपा के स्थानीय नेताओं का भी कद बढ़ गया है। चुनाव में पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, कैलाश शर्मा, विधायक मोहन सिंह मेहरा ने सीट पर कड़ी मेहनत की। चुनाव की सारी रणनीति इन्हीं नेताओं ने बनाई थी। वहीं कांग्रेस से बगावत कर पार्टी में शामिल हुए बिट्टू कर्नाटक, त्रिलोचन जोशी ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई।