पूर्वांचल में कोहरा छंटा, दोपहर बाद निकली धूप, मौसम विभाग ने 8 जनवरी तक के लिए जारी किया है अलर्ट
वाराणसी और पूर्वांचल में रविवार को सुबह से मौसम ठंडा रहा। कोहरा छंटा, लेकिन धूप दोपहर दो बजे के बाद निकली, जिससे गलन बनी रही। मौसम विभाग ने 8 जनवरी तक ...और पढ़ें

मौसम विभाग ने आठ जनवरी तक के लिए अलर्ट जारी किया है।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पूर्वांचल सहित वाराणसी में रविवार को मौसम का रुख सुबह से तल्ख बना रहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पारा जहां चार डिग्री के पास जा पहुंचा है वहीं पूर्वांचल में दस डिग्री से ऊपर का तापमान फिलहाल लोगों को राहत दे रहा है। वातावरण में गलन का प्रकोप तो है लेकिन पूर्व की अपेक्षा रविवार को कुछ राहत भी मिली। मौसम विभाग के अनुमानों के अनुसार आठ जनवरी तक घने कोहरे और गलन का असर बना रहेगा। इसकी वजह से मैदानी क्षेत्रों में गलन और कोहरे के साथ ही पाला भी पड़ सकता है।
रविवार को मौसम विभाग के अनुमानों के विपरीत कोहरा हल्का रहा लेकिन धूप दोपहर तक नहीं खिल सकी। वातावरण में नमी का असर भी कम हुआ है और तापमान में भी कुछ अधिकता ने मौसमी बदलाव का संकेत दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मौसम में कुछ बदलाव का असर होगा। वातावरण में राहत की उम्मीद कुछ कम है तो पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ का असर बढ़ने पर मैदानी क्षेत्रों में गलन का प्रकोप भी बढ़ेगा। वातावरण में असर विक्षोभ की वजह से ही बदल सकता है। दोपहर दो बजे धूप खिलने के बाद अगले दिन कोहरे की संभावना बढ़ गई है।

दूसरी ओर रविवार की सुबह हल्के कोहरे में घुली रही। अवकाश का दिन होने की वजह से सड़कों पर भीड़ कम निकली तो जो भी बाहर निकले वह गलन भरी हवाओं का थपेड़ों का अहसास करते रहे। माना जा रहा है कि आसमान साफ होने के बाद कोहरे का प्रकोप बढ़ सकता है। जबकि गलन का असर होने और धूप न निकलने की वजह से लोग अलाव के सहारो कई जगहों पर हाथ सेंकते नजर आए। जबकि विमान और ट्रेनों की लेट लतीफी में कुछ राहत मिली है।
बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 17.6°C दर्ज किया गया जो सामान्य से 3.3 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 11.8°C दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.9 डिग्री अधिक रहा। आर्द्रता अधिकतम 85% और न्यूनतम 82% दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुमानों के अनुसार आठ जनवरी तक गलन और घने कोहरे का संकेत है। माना जा रहा है कि पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का आगे पछुआ हवाओं का जोर रहने पर गलन होना तय है। मौसम विभाग के सैटेलाइट तस्वीरों में पहाड़ों पर बादलों की सक्रियता का रुख बना हुआ है।

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