सीजन की सबसे ठंडी गुजरी रविवार की रात, गलन से हाथ-पैर सुन्न; तीन दिनों तक रहेगी कड़ाके की ठंड
रविवार रात वाराणसी में इस सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई, बाबतपुर में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बर्फीली हवाओं से कोहरा कम हुआ, लेकिन ग ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, वाराणसी। पहाड़ों की ओर से आ रही बर्फीली उत्तरी-पश्चिमी हवा के प्रभाव से कोहरा तो कुछ कम हुआ है लेकिन गलन की तीव्रता हड्डियां गला रही है। निरंतर गिर रहे तापमान का नतीजा यह कि रविवार की रात इस शरद ऋतुु में अब तक की सबसे ठंडी रात के रूप में दर्ज की गई जब बाबतपुर क्षेत्र में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.4 डिग्री सेल्सियस नीचे 6.5 पर पहुंच गया।
सुबह कोहरा छिछला होने से दृश्यता 100 मीटर रही जो दोपहर 12 बजे धूप निकलने के बाद 1800 मीटर तक जा पहुंची। हालांकि धूप खिलने के बाद अधिकतम तापमान में 1.7 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई और यह 17.5 पर पहुंचा लेकिन गलन की तीव्रता और बढ़ी हुई महसूस हुई। मोटे गरम कपड़ों के कवच भेदकर भी ठंड हड्डियां गलाती रही।
सुबह थोड़ा गहरा रहा कोहरा आठ बजे के बाद से ही कम होने लगा था। दोपहर 12 बजे के बाद सूरज की चमक आसमान मेें दिखी और क्रमश: बढ़ी भी लेकिन तभी हवा की गति नौ से 12 किमी प्रति घंटा तक हो जाने से वातावरण में गलन और बढ़ गई। नतीजा, हड्डियां तक गलती हुई महसूस हुईं।
दोपहर ढलते ही इसमें और तीव्रता आई, फिर तो सभी लोग अलाव, हीटर, ब्लोअर के इर्द-गिर्द सिमटने लगे। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के लखनऊ स्थित आंचलिक कार्यालय के वरिष्ठ विज्ञानी डा. अतुुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश के अनेक हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे बने रहने के कारण शाम से लेकर सुबह तक पड़ रही कड़ाके की ठंड के आगामी कुछ दिनों तक मामूली उतार-चढ़ाव के साथ ऐसे ही जारी रहने की संभावना है।
यद्यपि कोहरे के घनत्व, क्षेत्रफल एवं अवधि में आई कमी के कारण अनेक स्थानों पर दिन में धूप निकलने से शीत दिवस की स्थितियों में काफी सुधार होने से राहत मिली है, इसके क्रमिक बढ़ोत्तरी के साथ आगे भी जारी रहने की संभावना है।
आगामी दो दिनों के उपरांत कोहरे के घनत्व में और कमी आने तथा तापमान में बढ़ोत्तरी होने से ठंड की स्थिति में और सुधार होने की संभावना है। इधर बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्राे. मनाेज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि फिलहाल शुक्रवार के पूर्व तक गलन भरी भीषण ठंड में बहुत अधिक राहत मिलने की संभावना नहीं है। उसके बाद शायद कोई परिवर्तन आए तो आए।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।