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    UP News: वाराणसी एयरपोर्ट के नए टर्मिनल के निर्माण में आएगी तेजी, 30 फीसदी काम पूरा

    Updated: Fri, 21 Feb 2025 03:25 PM (IST)

    वाराणसी एयरपोर्ट के नए टर्मिनल के निर्माण में तेजी आई है। फाउंडेशन का काम 30 फीसदी तक पूरा हो चुका है। मल्टीलेवल कार पार्किंग का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। नए टर्मिनल भवन का भूमि पूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। बजट में भी इसके लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है। मल्टीलेवल कार पार्किंग का फाउंडेशन 90 फीसदी तक बन गया है।

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    बजट 2025: वाराणसी एयरपोर्ट का होगा विकास। जागरण

    संवाद सूत्र जागरण बाबतपुर। लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के त्वरित विस्तारीकरण को लेकर प्रदेश सरकार ने बजट में संकल्प जताया है। बजट में इसके लिए इसके लिए शेष धनराशि का प्रविधान कर इसके प्रति दृढ़ता जताई। एयरपोर्ट के नए टर्मिनल के फाउंडेशन का कार्य लगभग 30 फीसदी तक पूरा हो चुका है। मल्टीलेवल कार पार्किंग का फाउंडेशन 90 फीसदी तक बन गया है।

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    नए टर्मिनल भवन का भूमि पूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अक्टूबर को किया था। एयरपोर्ट विस्तारीकरण का प्रस्ताव कई वर्षों से था। भू अधिग्रहण के लिए प्रदेश सरकार ने जरूरी 1018 करोड़ रुपये धनराशि में से पहली किस्त 550 करोड़ और दूसरी किस्त में 300 करोड़ रुपये जारी किए थे।

    शेष धनराशि 168 करोड़ को गुरुवार के बजट में मंजूरी मिल गई। टर्मिनल बिल्डिंग के लिए 99 एकड़ व रनवे विस्तार के लिए 105 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। टर्मिनल बिल्डिंग निर्माण को 96 एकड़ भूमि अधिग्रहित हो चुकी है। तीन एकड़ विवादित होने से अधिग्रहण नहीं हो सका है।

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    एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का निर्माण अहलूवालिया कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है। इस 75000 वर्गमीटर में बनने वाले एयरपोर्ट पर लगभग 900 करोड़ खर्च होंगे। तीन मंजिला टर्मिनल बिल्डिंग में ग्राउंड फ्लोर पर आगमन हाल और प्रथम तल पर प्रस्थान हाल होगा।

    तृतीय तल पर कार्यालय बनेगा। टर्मिनल बिल्डिंग में आठ एयरो ब्रिज, 72 चेक-इन काउंटर, आठ कन्वेयर बेल्ट सहित 14 सिक्योरिटी काउंटर्स होंगे। सिक्योरिटी होल्ड एरिया में काशी की संस्कृति से जुड़ी कलाकृतियां होंगी जिन पर वैदिक मंत्र लिखे होंगे।

    लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा। जागरण


    टर्मिनल में का निर्माण इस तरह से होगा कि प्राकृतिक प्रकाश से भवन रोशन रहे। टर्मिनल बिल्डिंग में एक समय में 5000 यात्रियों के आवागमन की व्यवस्था होगी। प्रतिवर्ष 60 लाख से अधिक यात्री यहां से यात्रा कर सकेंगे। वाराणसी एयरपोर्ट पर इस समय प्रतिदिन लगभग 66 विमानों से 12000-13000 यात्रियों का आवागमन होता है। प्रतिवर्ष लगभग 30-35 लाख यात्रियों का आवागमन होता है।

    वाराणसी में धार्मिक पर्यटन के लिहाज से लगातार बढ़ रहे पर्यटकों के कारण एयरपोर्ट छोटा पड़ रहा था। इसे देखते हुए नए टर्मिनल की जरूरत महसूस की जा रही थी। वर्ष 2010 में जब टर्मिनल बना तब प्रतिदिन 15-20 फ्लाइट से 3000 से 5000 तक यात्रियों का आवागमन होता था। अब संख्या लगभग तीन-चार गुना बढ़ चुकी है।

    एयरपोर्ट पर रनवे एक्सटेंशन के साथ आइएलएस कैटेगरी-3 के इंस्टालेशन की भी प्रक्रिया चल रही है। इससे मौसम खराब होने पर भी विमान उतर सकेंगे। रनवे लंबा होने पर विमानों की संख्या बढ़कर 100 से अधिक हो जाएगी। यात्रियों की संख्या प्रतिदिन 20000 से अधिक होगी। टर्मिनल भवन निर्माण, रनवे एक्सटेंशन व अन्य परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार ने 2800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।

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    वाराणसी में पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में पुराना टर्मिनल छोटा पड़ने लगा था। इसलिए नए टर्मिनल की मांग काफी दिनों से हो रही थी।-प्रदीप चौरसिया, ट्रैवेल कारोबारी

    कालीन कारोबारी हाजी एजाज अंसारी ने कहा कि वाराणसी से पहले कुछ चुनिंदा शहरों के लिए ही विमान सेवा थी। अब कई शहरों के लिए विमान सेवा होने से हमारे बायर को आने में सुविधा होती है। पहले बायर वाराणसी आने से कतराते थे।

    बनारसी साड़ी और साउथ सिल्क का कारोबार वाराणसी और दक्षिण भारत के बीच वर्षों से चला आ रहा है। यहां से दक्षिण भारत के लिए सीधी विमान सेवा न होने से हम लोग ट्रेन या कनेक्टिंग विमान से जाते थे। इसमें समय और पैसा दोनों बर्बाद होता था। अब हैदराबाद,चेन्नई और बेंगलुरु के लिए कई सीधी फ्लाइट होने से व्यापार बढ़ा है। - जाम सादिक, साड़ी कारोबारी