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    वाराणसी में कनेर का फल खाने से तीन बच्चियों की मौत, मरने वालों में दो सगी बहनें

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 09:49 PM (IST)

    वाराणसी के करधना गांव में कनेर का जहरीला फल खाने से तीन बच्चियों, हर्षिता, अंशिका और नैंसी की मौत हो गई। खेलते समय अनजाने में फल खाने के बाद उनकी तबीय ...और पढ़ें

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    कनेर का फल खाने से तीन बच्चियों की मौत।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। करधना गांव में खेलते समय रविवार दोपहर दो सगी बहनें छह वर्षीय हर्षिता व तीन वर्षीय अंशिका और चार वर्षीय नैंसी ने खेलने के दौरान भूलवश कनेर (जहरीला फल) का फल खा लिया।

    शाम को घर लौटने पर तीनों की उल्टी के कारण हालत बिगड़ी तो स्वजन अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तीनों की मौत हो गई। दो सगी बहनों के शव को स्वजन ने गंगा में प्रवाहित भी कर दिया था।

    तीसरी बच्ची नैंसी की सोमवार को बीएचयू में मौत होने पर पुलिस के पास मेमो पहुंचा तब तीनों बच्चियों के जहरीला पदार्थ खाने की बात स्पष्ट हुई। नैंसी के शव को भी स्वजन ने गंगा में प्रवाहित कर दिया।

    तीन मासूमों की मौत की सोमवार को भनक लगी तो एडीसीपी (गोमती जोन) वैभव बांगर व थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद पांडेय गांव पहुंचे और स्वजन को ढांढस बंधाया। पुलिस ने भी जहरीला फल खाने की पुष्टि की है।

    मिर्जामुराद थानांतर्गत करधना गांव स्थित पुलिस चौकी के निकट रविवार दोपहर बुनकरी का काम करने वाले मिथिलेश प्रजापति की दो पुत्रियां हर्षिता, अंशिका व पड़ोस में रहने वाले आटो चालक मनीष प्रजापति की पुत्री नैंसी समेत लगभग छह बच्चे एक साथ खेल रहे थे, जहां कनेर के फल को अमला का पौधा समझकर तीन बच्चियों ने खा लिया।

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    बच्चे शाम को घर लौटे तो हर्षिता, अंशिका व नैंसी की उल्टी होने के कारण तबीयत बिगड़ने लगी। स्वजन ठंड लगने की आशंका में हर्षिता व अंशिका को जंसा स्थित छाया हास्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन उस समय तक हर्षिता की मौत हो चुकी थी। इसके बाद अंशिका को पहड़िया स्थित ओम किलकारी अस्पताल ले गए, वहां से दीनदयाल हास्पिटल ले जाते समय अंशिका की भी मौत हो गयी।

    उधर, मनोज प्रजापति ने अपनी बेटी नैंसी को बीएचयू में भर्ती कराया था, लेकिन उसने भी सोमवार दोपहर दम तोड़ दिया। नैंसी के शव काे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया तो पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी हो पाई।

    इस घटना के बाद ग्रामीणों ने कनेर के पेड़ को काट दिया। एहतियान स्वास्थ्य विभाग ने गांव में एक साथ खेल रहे सभी बच्चों के स्वास्थ्य की जांच के लिए चिकित्सकों की टीम बुलाई। उधर, देर शाम तक नैंसी का शव पीएम के लिए मोर्चरी नहीं पहुंच पाया था।

    मिथिलेश के परिवार पर टूटा दुख का पहाड़

    दो पुत्रियों की असामयिक मौत से मिथिलेश के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दो बहनों के बीच एक भाई हर्ष हैं। मां मनीषा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।

    बेटी की मौत की खबर पता चली तो प्लेन से पहुंचा पिता

    बिटिया नैंसी की मौत की खबर सुनकर बेंगलुरू में आटो चलाने वाला मनीष प्रजापति सोमवार को हवाई जहाज से घर पहुंचा। दो बेटियों में नैंसी दूसरे नंबर की थी। एक माह का पुत्र आर्यन है। बेटी की मौत से मां अंजनी बेसुध पड़ी थी।

    बिना शोधन पौधे का सेवन जानलेवा

    कनेर के पौधे में मुख्य रूप से दो कार्डियक ग्लाइकोसाइड्स पाए जाते हैं, इसमें ओलिएंड्रिन और नेरिन हैं। अगर कोई व्यक्ति बिना शोधन इसका सेवन करता है तो ये यौगिक सीधे हृदय की कार्यप्रणाली को प्रभावित करते हैं, जिससे हृदय से संबंधित गंभीर और जानलेवा समस्याएं हो सकती हैं। इसका इस्तेमाल औषधि तैयार करने में होता है।

    - प्रो. जेएस त्रिपाठी, काय चिकित्सा विभाग, आयुर्वेद संकाय, बीएचयू