Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    19 फरवरी से यूपी संस्कृत शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं, 56 हजार से अधिक छात्र होंगे शामिल

    By Abhishek sharmaEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Fri, 02 Jan 2026 12:17 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश संस्कृत शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं 19 से 28 फरवरी तक आयोजित होंगी। इसमें प्रदेश के 1102 विद्यालयों से 56 हजार से अधिक छात्र शामिल हो ...और पढ़ें

    Hero Image

    छात्रों की बढ़ती संख्या संस्कृत शिक्षा के प्रति रुझान दर्शाती है।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रदेश संस्कृत शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं 19 फरवरी से प्रारंभ होकर 28 फरवरी तक आयोजित की जाएंगी। इस वर्ष इन परीक्षाओं में प्रदेश के 1102 संस्कृत विद्यालयों के 56 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं भाग लेंगे।

    परिषद द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, हाईस्कूल (10वीं) में 21,906 छात्र, इंटरमीडिएट प्रथम वर्ष (11वीं) में 19,751 छात्र और इंटरमीडिएट द्वितीय वर्ष (12वीं) में 14,145 छात्र पंजीकृत हैं। इसके अतिरिक्त, डिप्लोमा पाठ्यक्रम के 556 विद्यार्थी भी परीक्षा में शामिल होंगे।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    परीक्षाओं के सफल और पारदर्शी संचालन के लिए प्रदेश में लगभग 250 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा दो पालियों में संपन्न होगी। पहली पाली सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। परीक्षा की शुरुआत 19 फरवरी को अनिवार्य संस्कृत विषय के प्रश्नपत्र से होगी। नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है।

    इस वर्ष की परीक्षाओं में छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई है, जो संस्कृत शिक्षा के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है। परिषद ने सभी छात्रों को परीक्षा में अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया है। परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखा गया है, ताकि छात्रों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

    परीक्षा के दौरान छात्रों को अपनी पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज साथ लाने की सलाह दी गई है। परिषद ने छात्रों से अपील की है कि वे परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखें और नकल से दूर रहें। परीक्षा के परिणामों की घोषणा के बाद, छात्रों को उनके प्रदर्शन के आधार पर उचित मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

    संस्कृत शिक्षा परिषद की यह पहल न केवल छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह संस्कृत भाषा और संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में भी सहायक सिद्ध होगी। परिषद ने सभी शिक्षकों और अभिभावकों से सहयोग की अपेक्षा की है, ताकि परीक्षा का आयोजन सुचारू रूप से हो सके।

    इस प्रकार, 19 फरवरी से शुरू होने वाली ये बोर्ड परीक्षाएं छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हैं, जिसमें वे अपनी मेहनत और ज्ञान का प्रदर्शन कर सकेंगे। सभी छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए, परिषद ने यह सुनिश्चित किया है कि परीक्षा का आयोजन पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ किया जाएगा। इस वर्ष की परीक्षाएं संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करेंगी और छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर देंगी।